स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत समूचे भारत के विभिन्न शहर विशेषकर पर्यटन स्थल, व्यस्त बाजार और परिवहन केंद्रों जैसे अधिक भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों में स्वच्छता को सुलभ एवं समावेशी बनाने के लिए ठोस कदम उठा रहे हैं...
Read More
समीक्षा भारती न्यूज सर्विस, मीडियाभारती वेब सॉल्यूशंस का सिंडिकेशन विभाग है, जो भारत का प्रमुख ऑनलाइन मीडिया हाउस है और साल 2002 से मीडियाभारती.नेट और कई अन्य अग्रणी समाचार पोर्टल प्रकाशित कर रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत समूचे भारत के विभिन्न शहर विशेषकर पर्यटन स्थल, व्यस्त बाजार और परिवहन केंद्रों जैसे अधिक भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों में स्वच्छता को सुलभ एवं समावेशी बनाने के लिए ठोस कदम उठा रहे हैं...
Read More
एक नए अध्ययन ने जीवाणु जीन विनियमन के एक केन्द्रीय पाठ्यपुस्तक मॉडल को उलट दिया है और जीवाणु जीन विनियमन एवं उसके विकास को समझने के नए रास्ते खोले हैं। इससे संक्रमण तंत्र को अवरुद्ध करने वाले बेहतर एंटीबायोटिक्स या नियामक अवरोधकों को डिजाइन करने में मदद मिल सकती है...
Read More
भारत के राजमार्ग योजना निर्माण से लेकर टोल संग्रह तक हर चरण के डिजिटलीकरण के साथ बदल रहे हैं। इससे उनका भौतिक और डाटा संचालित, दोनों तरह की संपदा में परिवर्तन हो रहा है। फास्टैग ने देश की इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली को एक क्रांतिकारी स्वरूप दिया है। लगभग 98 प्रतिशत वाहन फास्टैग का इस्तेमाल कर रहे हैं और इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या आठ करोड़ से ज्यादा हो चुकी है।
Read More
साल 1950 में संविधान सभा ने ‘वंदे मातरम्’ को भारत के राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया। शुरू में ‘वंदे मातरम्’ की रचना स्वतंत्र रूप से की गई थी और बाद में इसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के 1882 में प्रकाशित उपन्यास ‘आनंदमठ’ में शामिल किया गया...
Read More
एनएचएआई ने सुविधा बढ़ाने और समग्र ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए फास्टैग उपयोगकर्ताओं के लिए ‘अपने वाहन को जानें’ यानी केवाईवी प्रक्रिया को सरल बनाया है। संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार अब गैर-अनुपालन वाले वाहनों के लिए फास्टैग सेवाएं बंद नहीं की जाएंगी और वाहन उपयोगकर्ताओं को केवाईवी प्रक्रिया पूरी करने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान किए जाएंगे...
Read More
... बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां अब अपने चरम पर हैं। ऐसे में वहां का माहौल अब कैसा है, यह जानने के लिए सुनें वरिष्ठ पत्रकार बृज खंडेलवाल की कविता स्वयं उनकी जुबानी...
Read More