गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगी ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ पर विशेष झांकी


इस बार की गणतंत्र दिवस परेड में ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ विषय पर एक विशेष झांकी प्रस्तुत की जाएगी। इसमें राष्ट्रीय गीत को भारत की सभ्यतागत स्मृति, सामूहिक चेतना और सांस्कृतिक निरंतरता की एक जीवंत अभिव्यक्ति के रूप में दिखाया जाएगा।

संस्कृति मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत इस झांकी में ‘वंदे मातरम्‘ की इस लंबी और बहुआयामी यात्रा को एक सशक्त दृश्य रूप प्रदान किया गया है। झांकी में चलते हुए ट्रैक्टर पर ‘वंदे मातरम्’ की मूल पांडुलिपि प्रदर्शित की गई है। इसके पीछे, भारत के चारों दिशाओं से आए लोक कलाकार होंगे, जो देश की सांस्कृतिक विविधता को दिखाएंगे।

Read in English: Special tableau on '150 years of Vande Mataram' in R'Day Parade

झांकी के केंद्र में वर्तमान पीढ़ी को ‘जेन-जी’ के रूप में दर्शाया गया है, जो विष्णुपंत पगनिस की ऐतिहासिक प्रस्तुति से प्रेरित होकर ‘वंदे मातरम्’ गा रही है। राग सारंग में उनके द्वारा रिकॉर्ड किया गया यह संस्करण स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कलात्मक प्रतिरोध का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया था। इसमें औपनिवेशिक सेंसरशिप से बचने के लिए पदों के क्रम में परिवर्तन किया गया था। 

ध्यान रहे, वर्ष 2021 से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र को संस्कृति मंत्रालय की गणतंत्र दिवस झांकी की परिकल्पना और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन वर्षों में इस कला केंद्र ने भारत की दार्शनिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नींव पर आधारित थीम तैयार किए हैं और उन्हें एक ऐसे दृश्य माध्यम से पेश किया है जो सभी पीढ़ियों को पसंद आते हैं। साथ ही, उनके बीच संवाद भी स्थापित करते हैं।



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