समीक्षा भारती न्यूज सर्विस

समीक्षा भारती न्यूज सर्विस, मीडियाभारती वेब सॉल्यूशंस का सिंडिकेशन विभाग है, जो भारत का प्रमुख ऑनलाइन मीडिया हाउस है और साल 2002 से मीडियाभारती.नेट और कई अन्य अग्रणी समाचार पोर्टल प्रकाशित कर रहा है।

रेडियो का अपना एक अनोखा आकर्षण रहा है। यह अंतरंग होते हुए भी व्यापक और सरल होते हुए भी अत्यंत शक्तिशाली हैं। यह बिना किसी आडंबर के हमारे दैनिक जीवन में सहज रूप से घुलमिल जाता है। यह बहुत कम अपेक्षा करता है, बस थोड़ा-सा साथ और बदले में जानकारी, संवेदना तथा अपनत्व का अहसास देता है...

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उत्तर-पूर्वी भारत की ऊंची पहाड़ियों और घाटियों में एक शांत क्रांति हो रही है। यहां बदलाव बड़े-बड़े ऐलान के साथ नहीं आता बल्कि, यह अलग-अलग कूड़ेदानों की हल्की खड़खड़ाहट, गांव द्वारा चलाए जा रहे रीसाइक्लिंग यूनिट की धीमी आवाज़, और उन नागरिकों के पक्के कदमों से आता है जो अपनी ज़मीन को कचरे में डूबने नहीं देना चाहते...

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संतुलित उर्वरक में फसल की आवश्यकताओं, मिट्टी की उर्वरता की स्थिति और मौजूदा जलवायु परिस्थितियों के आधार पर सभी आवश्यक मैक्रोन्यूट्रिएंट्स और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स को उचित अनुपात, मात्रा, समय और तरीकों से लागू करना शामिल है...

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भारत में प्रौद्योगिकी का भविष्य एक सरल लेकिन प्रभावशाली विचार ‘एआई का लोकतंत्रीकरण’ द्वारा संचालित है। भारत का मानना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल कुछ कंपनियों, संस्थानों या देशों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके बजाय, इसे इस तरह विकसित और उपयोग किया जाना चाहिए कि हर नागरिक को लाभ मिले, सार्वजनिक कल्याण और सामूहिक भलाई का समर्थन हो। मानवता के लिए एआई का यह विज़न प्रौद्योगिकीगत प्रगति में लोगों को केंद्र में रखता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि नवाचार समाज की सेवा करे, न कि इसके विपरीत...

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केन्द्रीय बजट 2026-27 में भारत के फार्मास्युटिकल और बायोफार्मा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की गई है। सरकार ने रोजगार सृजन, उत्पादकता बढ़ाने और विकास में तेजी लाने की दिशा में व्यापक आर्थिक सुधार किए हैं। आर्थिक विकास को और तेज करने और बनाए रखने के लिए फार्मास्यूटिकल्स सहित सात रणनीतिक और अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

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भारत रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स के लिए एक घरेलू इकोसिस्टम स्थापित करके क्रिटिकल मैटेरियल के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर निर्णायक कदम उठा रहा है। ये हाई-परफॉर्मेंस मैग्नेट इलेक्ट्रिक वाहनों, विंड टरबाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस और रक्षा जैसे क्षेत्रों के लिए अनिवार्य हैं। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए, सरकार ने नवंबर 2025 में ₹7,280 करोड़ की एक महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य 6,000 एमटीपीए की एकीकृत आरईपीएम विनिर्माण क्षमता विकसित करना है, जो रेयर-अर्थ ऑक्साइड से लेकर तैयार मैग्नेट तक की संपूर्ण वैल्यू चेन को कवर करेगी...

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