अधिक मास में आने वाले श्रद्धालुओं के दृष्टिगत प्रशासिक व्यवस्थाऐं नदारद

जगह जगह चल रहे है निर्माण कार्य, पूर्व की भांति भी नहीं हुई तैयारी 

 

मथुरा। जिला प्रशासन द्वारा अधिक मास में गिरिराज धाम गोवर्धन आने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं हेतु काफी तैयारियां की गयी है। लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के चलते पहले जैसी तैयारी भी इस बार मेले के लिये नहीं की गयी है। छिटपुट विकास कार्य गिरिराज तलहटी क्षेत्र में जहां चल रहे है वहां भी अभी तक लगभग सभी कार्य अधूरे ही पड़े है। कई स्थानों पर तो काम पूरी तरह रोक दिये गये है।

विदित हो कि अधिक मास में गोवर्धन परिक्रमा हेतु लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। जिसमें एकादशी से पूर्णिमा, शनिवार रविवार, अमावस्या जैसी तिथियों पर भारी संख्या में परिक्रमार्थियों के आने की संभावना हैं। पूर्व में जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों को इस मेले की व्यवस्थायें करने की जिम्ेेमदारी सौंपी थी। लेकिन इस बार कहीं भी व्यवस्थाऐं नजर नहीं आ रही है। हालांकि रोडवेज गोवर्धन के लिये 200 बसें लगाने का दावा कर रहा है तथा विशिष्ट तिथियों पर बसों की संख्या और भी बढ़ायेंगे। वहीं अधिक मास में परिक्रमा मार्ग में भंडारे प्याऊ आदि लगाने वालें व्यक्तियों को उप जिलाधिकारी सदर से अनुमति लेनी होगी। परिक्रमा मार्ग की सफाई के लिये पंचायतों के सैंकड़ों सफाई कर्मी रहेगे। वहीं जल निगम परिक्रमा मार्ग के सभी हैन्डपम्प दुरस्त करने में जुटा है। इसके अतिरिक्त दर्जनों पानी के टैंकर जगह जगह परिक्रमा मार्ग में पेयजल के लिए रहेगे। प्रकाश व्यवस्था के लिये मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण द्वारा समूचे परिक्रमा क्षेत्र में लगवायी गयी सोलर लाइटें और लैड लाइटें ठी करायी जा रही है। श्रद्धालुओं के प्राइवेट वाहनों के लियें सभी प्रवेश मार्गों पर वाहन पार्किग की व्यवस्था की गयी है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा की दृृष्टि सें गोवर्धन, राधाकुन्ड, जतीपुरा, आन्यौर पर स्वास्थ्य शिविर एवं एम्बूलैंन्स रहेगी। जन सुविधाओं की दृष्टि से परिक्रमा मार्ग में बनें समस्त सार्वजनिक शौचालय बराबर संचालित रहेगे तथा अस्थाई शौचालयों का भी निर्माण कराया जायेगा। दूध, खोया व अन्य खाद्य पदार्थो में अपमिश्रण रोकनें के लिए पूरे अधिकमास में खा़द्य पदार्थ की सैम्पलिंग की जायेगी। नगर पंचायत द्वारा खोया पाया केन्द्र बनाया जायेगा। पीडब्लूडी विभाग परिक्रमा मार्ग को दुरूस्त करने में अभी भी जुटा हुआ हैै। विद्युत विभाग के दावे है कि रात्रि में गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में विद्युत की अबाधित आपूर्ति की जायेगी। एडीएम ने विभागीय अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि व्यवस्थाओं की सवंेदन शीलता के साथ पूर्ण करें ताकि श्रद्धालुओं को कठिनाई न हो। बैठक में बताया गया कि कानून व्यवस्था एवं कार्यो की निगरानी के लिये मजिस्टेंªट व पुलिस अधिकारियों को लगाये जायेगे। वहीं अधिशासी अधिकारी नगर पालिका मथुरा, वृन्दावन, को भी आगाह किया गया कि अधिक मास में वृन्दावन व नगर मथुरा के विभिन्न मन्दिरों में भी भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। अतः शहर में पेय जल, साफ सफाई, प्रकाश, आदि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करंे। 

 

मेले की तैयारियां एवं विकास कार्य अभी तक पड़े है आधे अधूरे 

गिरिराज धाम गोवर्धन में आज से आरम्भ होने वाले विश्व विख्यात पुरूषोत्तम मास मेले के लिये भले शासन प्रशासन लाख इन्तजाम किये जाने का दम्भ भरता हो लेकिन मेला क्षेत्र की हकीकत और ही है। यहां मेले के लिये चल रहे विकास कार्य अभी भी मुंह फाड़े आधे अधूरे पड़े हुए है। गिरिराज परिक्रमा के अन्तिम चरण में गिरिराज मुकुट मुखार बिन्दर मन्दिर तक आने वाले मार्ग को करीब आधा किलो मीटर पहले से उखाड़ दिया गया है और उसके ऊपर सीसी रोड का निर्माण कराया जा रहा है। जो अभी बन ही रहा है। आज सांय से आरम्भ होने वाले मेले के पूर्व किसी भी हालातों में उस रोड के पूरे होने की संभावना नजर नहीं आती है। वहां कार्यरत एक कर्मचारी ने बताया कि इस गति से चल रहे काम के चलते अभी भी इस रोड के निर्माण कार्य को पूरा होने में करीब 10 दिन का समय और लग जायेगा। इस रोड के निर्माण के चलते यहां से आवागमन बुरी तरह प्रभावित है। श्रद्धालुओं के वाहन, यात्रा, काफिले आदि पिछले करीब 2 सप्ताह से रास्ते बदल कर बाहर से ही निकल जाते है और मानसी गंगा एवं मुकुट मुखार बिन्द मन्दिर के दर्श पर्स आचमन से वंचित रह जाते है। वहीं मुकुट मुखार बिन्द मानसी गंगा मन्दिर के सेवायत इस तथा कथित विकास कार्य को जमकर कोस रहे। इससे उनकी आजीविका भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। 


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