विद्यार्थियों ने लघु नाटिका द्वारा जीवन्त किया तुलसीदासजी का चरित्र
मथुरा। जनपद की प्रमुख शिक्षण संस्था अमरनाथ विद्या आश्रम में महाकवि तुलसी दास जी की जयन्ती धूमधाम के साथ मनाई गई। तुलसीदास जी की जयन्ती के अवसर पर विद्यार्थियों ने तुलसीदास जी से सम्बन्धित भजन, वार्ता, दोहे तथा जीवन चरित्र पर आधारित लघु नाटिका भी प्रस्तुत की। विद्यालय के प्रधानाचार्य डा0 आदित्य कुमार वाजपेयी ने अपने संदेश में सभी विद्यार्थियों को महाकवि तुलसी दास जी की जयन्ती की शुभकामनायें दीं। उनका मानना था कि तुलसी दास जी का जीवनकाल ही भारत वर्ष का स्वर्णिम भक्तिकाल है, तुलसी दास जी के द्वारा रचित श्रीरामचरित मानस आज भी सभी के लिये प्रेरणा का स्त्रोत बना हुआ है। उन्होंने कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को साधुवाद दिया। विद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी डा0 अरूण कुमार ने कहा कि हमें तुलसी दास जी जैसे महापुरूषों से प्रेरणा लेनी चाहिए। पूर्व में उन्होंने महाकवि तुलसीदास जी के छायाचित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में शैक्षणिक प्रभारी डा0 अनुराग वाजपेयी ने भी सभी बच्चों को संत तुलसीदास जयन्ती की बधाई देते हुये बच्चों की प्रस्तुतिकरण की प्रशंसा की। संत तुलसी जयन्ती कार्यक्रम का शुभारम्भ हनुमान चालीसा के सस्वर पाठ के साथ हुआ। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छात्र विनय उपाध्याय ने तुलसी दास जी के जीवन का काव्यमय परिचय प्रस्तुत किया तथा बच्चों ने तुलसीदास की चैपाइंयों को क्रमबद्व प्रस्तुत किया तो कुछ विद्यार्थियों ने गौस्वामी जी के जीवन से सम्बन्ध्ति प्रेरक प्रसंग प्रस्तुत किये तथा मानस पद भी प्रस्तुत किये। कक्षा 8 के विद्यार्थियों ने नाटिका ‘तुलसी के प्रिय राम’ प्रस्तुत कर राम नाम की महिमा तुलसीदास जी की भक्ति का वर्णन कर सभी के मन को मोह लिया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पद, दोहे, चैपाइयां, गीत, भजन प्रस्तुत किये। सान्या सक्सेना, सोनल चैधरी, निकुंज अग्रवाल, रति चैधरी, शिखा गौतम, किम सोनी, मानसी, स्मृति, पूजा, पलक, तनु, दीक्षिता, काव्या सहित सभी विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के द्वारा वातावरण को राममय बना दिया। तुलसी जयन्ती कार्यक्रम का निर्देशन पुनीत वाजपेयी ने तथा संचालन केशवदेव शर्मा ने किया। तुलसी जयन्ती समारोह के आयोजन में मृदुला चड्डा, सुनीता खन्ना, अनुराधा सोलंकी, जयलक्ष्मी सारस्वत, सहित हिन्दी विभाग के समस्त शिक्षकों का सहयोग सराहनीय रहा।





