पुणे। राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स की कोशिश रविवार को मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच जीत कर विजयमार्ग पर लौटने की होगी। दोनों टीमें इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के अगले मुकाबले में महाराष्ट्र क्रिकेट संघ मैदान पर आमने-सामने होंगी। पुणे अपने सात मुकाबलों में से पांच हार चुकी है। वहीं मुंबई की टीम चार मैच जीत कर तीसरे स्थान पर है।
पुणे के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी जानते हैं कि अगर टीम जल्द ही जीत के रास्ते पर नहीं लौटी तो प्लेऑफ में से उसका बाहर होना तय है।
इससे पहले दोनों टीमों आईपीएल के इस सत्र के उद्घाटन मुकाबले में आमने सामने हई थीं जिसमें पुणे ने जीत हासिल की थी। रविवार को होने वाले मैच में पुणे के पास पिछली जीत की मनोवैज्ञानिकबढ़त जरूर होगी। पुणे को केवीन पीटरसन और फाफ डू प्लेसिस के चोटिल हो जाने से बडा झटका लगा है। दोनों ही खिलाडी आईपीएल से बाहर हो गए हैं।
टीम के पास हालांकि अजिंक्य रहाणे और स्टीवन स्मिथ के रूप में दो शानदार बल्लेबाज हैं। स्मिथ ने गुजरात के खिलाफ हुए पिछले मैच में शानदार शतकीय पारी खेली थी। धोनी चाहेंगे की वह अपनी इस फॉर्म को अगले मैच में भी जारी रखें। चोटिल डू प्लेसिस की जगह टीम में उस्मान ख्वाजा को जगह मिली है।
बिग बैश लीग (बीबीएल) और टी-20 विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए वह किसी भी टीम के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
धोनी की सबसे बड़ी चिंता गेंदबाजी है जिसने अभी तक निराश ही किया है। टीम के गेंदबाज गुजरात के खिलाफ 195 रनों के लक्ष्य को भी नहीं बचा पाए थे। अशोक डिंडा, एल्बी र्मोकेल, तिसिरा परेरा और रविचन्द्रन अश्विन टीम को सफलता दिलाने में कामयाब नहीं हो पाए हैं। दूसरी टीम मुंबई शानदार फॉर्म में है। लगातार दो जीत दर्ज कर उसका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है।
टीम की बल्लेबाजी की धुरी कप्तान रोहित शर्मा खुद हैं। पार्थिव पटेल, अंबाती रायड़ू ने उनका अच्छा साथ दिया है। वहीं, जोस बटलर और केरन पोलार्ड ने कई बार साबित किया है कि वह किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को धराशायी कर सकते हैं। धोनी के लिए मुंबई की बल्लेबाजी सबसे बडा चिता का सबब होगा।
साभार-khaskhabar.com





