मथुरा। प्रदेश के पूर्व ऊर्जा राज्यमंत्री रविकांत गर्ग ने बिजली नियामक आयोग पर बिजली कंपनियों से सांठगांठ कर उपभोक्ताओं पर विद्युत वृद्धि का भार लगा दिया है जिसकी उन्होंने निंदा की है। उन्होंने आयोग पर शहर और ग्रामीण उपभोक्ताओं के हितों पर कुठाराघात करने का आरोप लगाते कहा कि जिस आयोग का गठन उपभोक्ताओं के हितों के लिए किया गया उसने बिजली कंपनियों में व्याप्त भ्रष्टाचार, बिजली चोरी, फिजूलखर्ची, कार्य के प्रति लापरवाही और हर स्तर पर व्याप्त अकर्मण्यता को नजर अंदाज कर उल्टे बिजली कंपनियों को ही लाभ पंहुचाने के लिए विद्युत दर वृद्धि का निर्णय लिया है।
पूर्व मंत्री ने आयोग पर कंपनियों से सांठगांठ का आरोप लगाते सवाल किया कि जब उप्र पावर कारपोरेशन द्वारा विद्युत नियामक आयोग के समक्ष घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अधिकतक विद्युत मूल्य 5.75 रूपये प्रति यूनिट प्रस्तावित किया गया था तो फिर आयोग द्वारा उपभोक्ताओं की अनदेखी करके अपनी ओर से .45 पैसे यूनिट की अतिरिक्त वृद्धि का औचित्य क्या था? उन्होनंे विद्युत दर वृद्धि वापिस लेने और कारणों को सार्वजनिक करने की मांग की है।





