वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद की नौ प्रयोगशालाओं ने इस बार हरित पटाखे विकसित किए हैं। माना जा रहा है कि ये पटाखे 25 से 30 फीसदी कम प्रदूषण करेंगे।
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