गोवर्धन में बंद पडे़ एटीएम, उपभोक्ता परेशान
डाकघर से नही हो रहा जनता का लेनदेन
मथुरा। प्रधानमंत्री मोदी के कालेधन सर्जिकल स्ट्राइक ने जहाॅ धनाड्डय बिल्डर, कम्पनी संचालक, मंत्री, बिधायकों की नींद हराम कर रख दी है तो वहीं सर्जिकल स्ट्राइक से गरीब असहाय मजदूर वर्ग के लोग भी भारी परेशानियों का सामना कर रहे है। कालेधन स्ट्राइक का असर गोवर्धन क्षेत्र में गरीब असहाय मजदूर वर्ग के लोगों पर पड़ता साफ दिखाई दे रहा है। गरीब असहाय मजदूर वर्ग के लोग हजार पाॅच सौ के इक्का दुक्का नोटों को बदलने के लिये कई घंटों तक बैंकों पर लगी लाईन में अपनी वारी आने का इंतजार कर रहे है तो वहीं धनाड्डय लोग शनिवार भी बिना किसी लाईन के ही अपना पैसा जमा व निकासी आसानी से कर बाहर भीतर आ जा रहे है। बैंक प्रबंधक भी अर्थसास्त्र के नियम कानूनों को ताक पर रख धनाड्डयों को वरीयता देने से नही चूक रहे। हजार पाॅच सौ के नोट पाबंद करने के बाद देशभर में अफरा तफरी का माहौल व्याप्त है तो वहीं बैंक शाखाओं के प्रबंधक अर्थशास्त्र निदेशकों के आदेशों की अवेहलना करने से नही चूक रहे।
ऐसा ही मामला गोवर्धन क्षेत्र के कस्बा गोवर्धन मंे देखने को मिल रहा है। जहाॅ देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित बित्तमत्रांलय द्वारा जारी किये गये आदेशों का बैंक अधिकारी एवं संबधित बैंकों के शाखा प्रवंधक कोई पालन नही कर पा रहे है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सात नबंवर की रात्रि के समय टीवी चैनलों एवं समाचार पत्रों को दिये गये इंटरव्यू में राष्ट्र को संबोधित करते हुए ऐलान किया था कि देशभर में सात नबंवर की अर्द्ध रात्रि से सभी हजार पाॅच सौ के नोट पूर्ण रूप से बंद किये जाते है। साथ ही टीवी चैनलों के माध्यम से प्रधानमंत्री ने ये भी कहा था कि उक्त नोट सरकारी हाॅस्पीटल, पैट्राल पम्प, डाकघर, एवं सभी बैंकों में 50 दिन तक सुचारू रूप से मान्य किये जायेगें। साथ ही प्रधानमंत्री ने देश की जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि निराश होने की आवश्यकता नही है फेसला देश हित में लिया गया है। सौ, पचास, बीस, दस, का नोट बाजार में मान्य रहेगा। पुराने हजार पाॅच सौ के नोट 10 नबंवर से लेकर 31 दिसंबर तक देश के सभी बैंक एवं डाकघरों में बदले जा सकेगें। साथ ही बैंक से चार हजार रूपये प्रतिदिन तो एटीएम से दो हजार निकालने की बात करते हुए देश की जनता को संबोधित किया था। लेकिन हजार पाॅच सौ के नोट बंद करने के बाद देश की जनता की सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था चरमाराई हुई है। जनता को न तो बैंकों से पैसा मिल पा रहा और नही सरकारी डाकघर पैसा दे पा रहा है। बाजारों में हजार पाॅच सौं के नोट बंद होने के चलते जनता काफी परेशान नजर आ रही है। गोवर्धन की विभिन्न बैंक शाखाओं के एटीएम मशीन शौ पीस बने हुए हैं। बैंक शाखा प्रबंधक उपभोक्ताओं को चार हजार की जगह एक हजार देकर टहला रहे है। डाकघर कर्मचारी किसी तरह का लेने देने होने बात कर रहे है। जिसके चलते गोवर्धन में बैंकों के बाहर अफरा तफरी का माहोल व्याप्त नजर आ रहा है। गोवर्धन के डाकघर में कार्यरत कर्मचारी शंकर से बात हुई तो बताया कि डाकघर मंे ऊपर से ही पैसा नही भेजा गया तो हम लोग कहा से लेनेदेन करें।






Related Items
साख के संकट से जूझता आईडीएफसी फर्स्ट बैंक
'परंपरा' और 'परिवर्तन' के बीच संतुलन की कोशिश में है 'बैंक ऑफ इंडिया'
गोवर्धन, एक जीवंत पर्वत जिसने आकाश को थाम लिया...