नई दिल्ली : विशेष रूप से किसानों को समर्पित दूरदर्शन के चैनल 'डीडी किसान' की लांचिंग के अवसर पर नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने 'तहसील' को कृषि नियोजन एवं विकास की इकाई बनाने पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खाद्यान्न की उत्पादकता को प्रति हेक्टेयर दो टन से बढ़ाकर तीन टन करने की जरूरत को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर देश को आगे ले जाना है तो गांवों में तरक्की सुनिश्चित करनी होगी और अगर गांवों में तरक्की सुनिश्चित करनी है तो ऐसे में कृषि क्षेत्र का विकास निहायत ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक समय कृषि सबसे पसंदीदा पेशा थी, लेकिन आगे चलकर इसका आकर्षण घटकर तलहटी पर आ गया। उन्होंने यह भी कहा कि उपर्युक्त प्रोत्साहन देकर और समुचित कदम उठाकर इस रुख को पूरी तरह पलटा जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि डीडी किसान चैनल को हमेशा सजग रहते हुए मौसम, वैश्विक बाजारों इत्यादि में होने वाले बदलावों से किसानों को अवगत कराते रहना चाहिए, ताकि किसान पहले से ही उपयुक्त योजनाएं बना सकें और समय पर सही निर्णय ले सकें।
प्रधानमंत्री ने ग्रामीण युवाओं को बड़े पैमाने पर कृषि से पुन: जोड़ने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि डीडी किसान चैनल प्रगतिशील किसानों के प्रयासों को सभी लोगों के सामने लाने का काम भी कर सकता है, ताकि उनके अभिनव कदमों को देश भर में आजमाया जा सके। प्रधानमंत्री ने किसानों से कृषि क्षेत्र के लिए त्रिआयामी अवधारणा अपनाने को कहा जिनमें संतुलित खेती, पशुपालन और वृक्षारोपण शामिल हैं।
डीडी किसान चैनल की लांचिंग के अवसर पर कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि यह किसानों के लिए एक स्वर्णिम क्षण है क्योंकि यह चैनल नई शोध तकनीकों को 'प्रयोगशाला से खेतों में' ले जाने में मददगार साबित होगा। किसान चैनल कृषि क्षेत्र में उठाए गए नीतिगत कदमों से जुड़ी सूचनाएं भी किसानों को सुलभ कराएगा।
इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्द्धन राठौर ने कहा कि यह प्रधानमंत्री का ही विजन था जिसने 'किसान चैनल' की लांचिंग के लिए प्रेरित किया। इस प्लेटफॉर्म से तकनीकों के लाभ अब किसानों को भी मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह चैनल खेती-बाड़ी के क्षेत्र में होने वाले नवीनतम बदलावों से सातों दिन चौबीस घंटे (24x7) किसानों को अवगत कराएगा। राठौर ने कहा कि विशेष रूप से किसानों को समर्पित 24 घंटे चलने वाले चैनल का शुभारंभ किसी सार्वजनिक प्रसारक की इस तरह की प्रथम पहल है।
प्रसार भारती के चेयरमैन डॉ. सूर्य प्रकाश ने अपने समापन सम्बोधन में कहा कि किसान चैनल से गैर-हिन्दी भाषी कृषक समुदाय भी लाभान्वित होगा क्योंकि विभिन्न कार्यक्रम अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध होंगे।
24x7 किसान चैनल अपने लक्षित दर्शकों के हित में कृषि एवं संबंधित विषयों पर नवीनतम सूचनाएं प्रसारित करेगा, जिनमें पशुपालन से जुड़े लोग, पोल्ट्री मालिक, मैकेनिक, कारीगर इत्यादि शामिल हैं। यह चैनल मौसम में होने वाले बदलावों के बारे में किसानों को पहले ही समुचित जानकारी दे देगा। इसके अलावा, इस तरह की परिस्थितियों में फसलों को बचाने/उत्पादन बढ़ाने के किफायती उपायों से भी किसानों को अवगत कराया जायेगा। मौसम एवं कृषि वैज्ञानिकों की सलाह समय-समय पर किसानों के लिए प्रसारित की जाएगी ताकि उन्हें फसलों को होने वाली बीमारियों, विभिन्न बीमारियों से फसलों को बचाने के तरीकों और उत्पादकता बढ़ाने के तरीकों से वाकिफ कराया जा सके। यही नहीं, किसान चैनल विश्व भर में अपनाए जाने वाले कृषि के नवीनतम तौर-तरीकों और विश्व भर में कृषि क्षेत्र में अनुसंधान व विकास से जुड़ी सूचनाओं से भी किसानों को अवगत कराएगा। इस चैनल ने आईएमडी, आईएआरआई, कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केन्द्रों इत्यादि से गठबंधन किया है।
किसानों को समर्पित भारत का पहला टीवी चैनल 'डीडी किसान' हुआ लॉन्चनई दिल्ली : विशेष रूप से किसानों को समर्पित दूरदर्शन के चैनल 'डीडी किसान' की लांचिंग के अवसर पर नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने 'तहसील' को कृषि नियोजन एवं विकास की इकाई बनाने पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खाद्यान्न की उत्पादकता को प्रति हेक्टेयर दो टन से बढ़ाकर तीन टन करने की जरूरत को रेखांकित किया।प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर देश को आगे ले जाना है तो गांवों में तरक्की सुनिश्चित करनी होगी और अगर गांवों में तरक्की सुनिश्चित करनी है तो ऐसे में कृषि क्षेत्र का विकास निहायत ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक समय कृषि सबसे पसंदीदा पेशा थी, लेकिन आगे चलकर इसका आकर्षण घटकर तलहटी पर आ गया। उन्होंने यह भी कहा कि उपर्युक्त प्रोत्साहन देकर और समुचित कदम उठाकर इस रुख को पूरी तरह पलटा जा सकता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि डीडी किसान चैनल को हमेशा सजग रहते हुए मौसम, वैश्विक बाजारों इत्यादि में होने वाले बदलावों से किसानों को अवगत कराते रहना चाहिए, ताकि किसान पहले से ही उपयुक्त योजनाएं बना सकें और समय पर सही निर्णय ले सकें।प्रधानमंत्री ने ग्रामीण युवाओं को बड़े पैमाने पर कृषि से पुन: जोड़ने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि डीडी किसान चैनल प्रगतिशील किसानों के प्रयासों को सभी लोगों के सामने लाने का काम भी कर सकता है, ताकि उनके अभिनव कदमों को देश भर में आजमाया जा सके। प्रधानमंत्री ने किसानों से कृषि क्षेत्र के लिए त्रिआयामी अवधारणा अपनाने को कहा जिनमें संतुलित खेती, पशुपालन और वृक्षारोपण शामिल हैं।डीडी किसान चैनल की लांचिंग के अवसर पर कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि यह किसानों के लिए एक स्वर्णिम क्षण है क्योंकि यह चैनल नई शोध तकनीकों को 'प्रयोगशाला से खेतों में' ले जाने में मददगार साबित होगा। किसान चैनल कृषि क्षेत्र में उठाए गए नीतिगत कदमों से जुड़ी सूचनाएं भी किसानों को सुलभ कराएगा।इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्द्धन राठौर ने कहा कि यह प्रधानमंत्री का ही विजन था जिसने 'किसान चैनल' की लांचिंग के लिए प्रेरित किया। इस प्लेटफॉर्म से तकनीकों के लाभ अब किसानों को भी मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह चैनल खेती-बाड़ी के क्षेत्र में होने वाले नवीनतम बदलावों से सातों दिन चौबीस घंटे (24x7) किसानों को अवगत कराएगा। राठौर ने कहा कि विशेष रूप से किसानों को समर्पित 24 घंटे चलने वाले चैनल का शुभारंभ किसी सार्वजनिक प्रसारक की इस तरह की प्रथम पहल है। प्रसार भारती के चेयरमैन डॉ. सूर्य प्रकाश ने अपने समापन सम्बोधन में कहा कि किसान चैनल से गैर-हिन्दी भाषी कृषक समुदाय भी लाभान्वित होगा क्योंकि विभिन्न कार्यक्रम अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध होंगे।24x7 किसान चैनल अपने लक्षित दर्शकों के हित में कृषि एवं संबंधित विषयों पर नवीनतम सूचनाएं प्रसारित करेगा, जिनमें पशुपालन से जुड़े लोग, पोल्ट्री मालिक, मैकेनिक, कारीगर इत्यादि शामिल हैं। यह चैनल मौसम में होने वाले बदलावों के बारे में किसानों को पहले ही समुचित जानकारी दे देगा। इसके अलावा, इस तरह की परिस्थितियों में फसलों को बचाने/उत्पादन बढ़ाने के किफायती उपायों से भी किसानों को अवगत कराया जायेगा। मौसम एवं कृषि वैज्ञानिकों की सलाह समय-समय पर किसानों के लिए प्रसारित की जाएगी ताकि उन्हें फसलों को होने वाली बीमारियों, विभिन्न बीमारियों से फसलों को बचाने के तरीकों और उत्पादकता बढ़ाने के तरीकों से वाकिफ कराया जा सके। यही नहीं, किसान चैनल विश्व भर में अपनाए जाने वाले कृषि के नवीनतम तौर-तरीकों और विश्व भर में कृषि क्षेत्र में अनुसंधान व विकास से जुड़ी सूचनाओं से भी किसानों को अवगत कराएगा। इस चैनल ने आईएमडी, आईएआरआई, कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केन्द्रों इत्यादि से गठबंधन किया है।





