गोपाल की गाय वर्तमान में कूड़े के ढेरों पर अपने भोजन के लिए भटक रही है। समय की आवश्यकता है कि हम सभी के द्वारा गाय की केवल रक्षा ही नहीं अपितु उसके साथ उसके संरक्षण और भरण पोषण की जिम्मेदारी उठाने की। 18 जनवरी यमुना मिशन द्वारा कल्याणं करोति सड़क के दूसरी ओर पड़े कूडे के ढेरों पर सैकड़ो गौवंश को प्लास्टिक जैसे हानिकारक वस्तु को खाते देखा। यमुना मिशन कार्यकर्ताओं द्वारा तत्परता दिखाते हुये प्लास्टिक खा रहे गौवंश के लिए हरी सब्जी मांगकर उनकी क्षुधा शान्त की गयी। इस अवसर पर सन्तों एवं यमुना मिशन कार्यकर्ताओं ने एक साथ गौवंश को अपने हाथों से चारा खिलाया।
इस अवसर पर पूज्य संत काठिया बाबा महाराज ने कहा कि हमें सिर्फ गाय की रक्षा ही नहीं करनी बल्कि उसका संरक्षण भी करना होगा। भोजन के वेवश गाय प्लास्टिक पाॅलीथीन खाकर काल के गाल में समा रही है। इसलिए हम सभी गौ प्रेमियों को गाय की रक्षा और उसके भरण पोषण की जिम्मेदारी उठानी होगी।
पूज्य संत बालक दास उर्फ ब्रिजुआ बाबा ने कहा कि गौ माता को पुनः घर घर में स्थापित करने की आवश्यकता है। आधुनिक युग की भाग दौड़ में लोग गाय को घरों से बाहर निकाल रहे है जो सड़कों पर दर दर भटकने के लिए वेवश है।
यमुना मिशन के संयोजक पं. अनिल शर्मा ने कहा कि गौवंश का कूडे के ढेरों पर भटकना दुर्भाग्य पूर्ण है। यमुना मिशन द्वारा मोक्षधाम से लेकर असकुण्डा के मध्य की गायों के लिए चारे की व्यवस्था की गई है परन्तु जब भी यमुना मिशन गायों को कचरे में प्लास्टिक खाते देखेगा वह उसके लिए चारे की व्यवस्था करने का प्रयास करेगा। उन्होने सभी से अपील की गायों को घर में स्थान दे पुनः पूज्यनीय बनाया जाये।
इस अवसर पर संत शर्मदास काठिया, आनन्द दास नागा जी, लखनदास बाबा, रामदास बाबा, मुकेश ठाकुर, मोनू पंडित, महेश पंडित, नागेश राजपूत, गीतम सिंह, आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।





