यमुना की दशा से आज पूरा ब्रज आहत है। यमुना की दशा किसी से छुपी नहीं है। यमुना को अविरल निर्मल बनाने के लिये ब्रज से अनेकों प्रयास किये जा रहे है। यमुना मिशन द्वारा भी यमुना को स्वच्छ बनाने के लिये निरन्तर प्रयास किया जा रहा है। दिनांक 21 अगस्त शुक्रवार को यमुना मिशन के कार्यालय पर राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक आहूत की गई। जिसमें यमुना मिशन के कार्यकर्ताओं द्वारा यमुना की अविरलता और निर्मलता सुनिनिश्चत करने के लिये केन्द्र सरकार और राज्य सरकार पर दबाब बनाने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। पं अनिल शर्मा ने कहा कि यमुना की अविरलता और निर्मलता तभी सुनिश्चित की जा सकती है जब यमुना में गिरते सभी नाले पूर्णतय बन्द किये जाये। यमुना मिशन केन्द्र तथा राज्य सरकार पर दबाब बनायेगा कि वह दिल्ली के साथ साथ मथुरा वृन्दावन में गिरते नालों को पूर्णतय बन्द करें। दिल्ली में यमुना में गिरते नाले यमुना को 75 प्रतिशत से अधिक प्रदूषित करते है एवं मथुरा में गिरते नाले यमुना को प्रदूषित करने के साथ साथ श्रद्धालुओं की आस्था पर कुठाराघात करते है।
रिचा शर्मा ने जानकारी देते हुये बताया कि यमुना मिशन का एक शिष्ट मंडल जल्द ही दिल्ली जाकर केन्द्र सरकार के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर यमुना में गिरती गन्दगी को रोकने के लिये ज्ञापन सौपेगे। उन्होने आगे जानकारी देते हुये बताया कि केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री उमाभारती जी से भी मिलने का समय लिया जा रहा है जल्द उनसे भी यमुना मिशन मिल ज्ञापन सौपेगा।
लपुटी पंडित ने कहा कि वृन्दावन से लेकर गोकुल तक यमुना में गिरते नाले हम यमुना भक्तों की आस्था पर चोट पहुॅचा रहे है। हमारे ही घर हमारे ब्रज में श्री यमुना में नालों का गिरना हमारी विफलता को प्रदर्शित करता है हम राज्य सरकार पर भी ब्रज में यमुना में नाले न मिलाये जाये इसके लिये दबाब बनायेगे।
बैठक में यमुना मिशन की आगे की रणनीति तय की गई। जिसमें यमुना मिशन से ब्रज के गांव गांव के लोगो को जोड़ने के लिये रूपरेखा तैयार की गई।
इस अवसर पर केएन शशी, मुकेश ठाकुर, मोनू शर्मा,राजेश तिवारी,पूजा सिंह, पं देवराज दीक्षित कमलेश कुर्मी, बाबू कुर्मी, जयकुमार कुर्मी, मथुरा कुर्मी, नारायण महाराजपुर, आदि उपस्थित थे।






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