मथुरा। अखिल भारतीय रंगारंग संगीत ख्याल लावनी साहित्य सम्मेलन का आयोजन सेठबाड़ा में स्व. कविवर उस्ताद नत्थीलाल की 41वीं व स्व. कविवर उस्ताद किशनलाल की 13वीं पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया। सम्मेलन में ख्याल गोई के तुरी पक्ष व कलगी पक्ष के गायक कलाकारों ने संपूर्ण रात्रिभर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। मुख्य अतिथि स्वांग शिरोमणि उस्ताद खेमचन्द यदुवंशी ने दोनों उस्तादों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये कहा कि बृज क्षेत्र की यह प्राचीन कला को उस्तादों के परिवार जीवंत बनाये हुये हैं। आयोजन में दूर दराज से आने वाले गायक कलाकारों ने उस्तादों को याद करते हुये अपने-अपने कलाम से जनता के बीच अपनी-अपनी रचनाओं का पाठ किया। सम्मेलन में तुर्रा पक्ष से चन्द्रशेखर फरूर्खाबादी ने ‘बृज की भूमि में ये हो गई निहाल, जन्मे इसमें जब नत्थीलाल’ से श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखाड़े के उस्ताद राजेन्द्र मोहन राजा ने की।
खलीफा सर्वेश महरोत्रा ने उस्तादों को श्रद्धांजलि दी। संचालन शाकिर अली ने किया। इस दौरान अखाड़ा रूप रसिक वृन्दावन राधे मोहन के उस्ताद रमेश गौतम वीकेडी, होली दरवाजा व्यवसायी समिति अध्यक्ष मदन मोहन श्रीवास्तव, गौरव शर्मा, रवीन्द्र मोहन, अशोक मोहन, राधेमोहन, बृजेन्द्र मोहन शर्मा, प्रशान्त मोहन शर्मा, वीरेन्द्र कुमार, मनीष पण्डित, सहित शहर और फर्रूखाबाद, भिवानी, अलीगढ, आगरा, हाथरस, दिल्ली, फिरोजाबाद, खुर्जा, लखनऊ, राजस्थान वृन्दावन के लोगों ने भाग लिया।





