मथुरा। प्रदेश की सरकार भोर जनता से जुड़े विभिन्न जन प्रतिनिधि ग्रामीण विकास की लेकर चाहे जितने दावे करे, पर आज भी शहर से जुड़ी कमी ग्राम सभाओं की तस्वीर विकास के दावों के खोखला होने का दावा करती अनेक ग्राम सभाओं टूटे-फूटे खंरजों और सड़कों के सहारे पड़े मलवे के ढेर तथा रूके हुए पानी से अटे पड़े मार्ग गंदगी से रूबरू करते नजर आते है। इन्हीं मार्गों से निकलने के बाद वहां के नागरिक जनप्रतिनिधियों के विकास के दावों की खोखला साबित करते है। शहर से जुड़ी ईशापुर ग्राम सभा निवासी अमर सिंह, मंगीलाल ने बताया कि ग्राम सभा ईशापुर में पानी की टंकी के निकट एक नवनिर्मित काॅलौनी मेें हजारों लोग निवास करते है। हालात ये है कि उक्त काॅलौनी में आने और जाने के लिए नागरिकों को मुख्य मार्ग में पड़े कचड़े और कीचड़ के बीच से गुजना पड़ता है। अनेक नन्हे-मुन्हे बच्चे और युवक एवं बालिकाएं शिक्षा अध्ययन के लिए बड़ी मुश्किल से शिक्षा केन्द्र पहुंच पाते हैं। यहां के मार्ग की सड़क तो कहीं भी नजर नहीं आती है। क्योंकि यहां सड़क तो दूर खरंजा और नाली तक का निर्माण तक नहीं। बरसात के दिनों में तो यहां के निवासी गंदे पानी और बरसाती पानी के बीच से गुजरते है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा में पानी की टंकी होने के बावजूद भी नागरिकों को जलापूर्ति नहीं मिल पा रही है। ग्राम सभावासियों ने बताया कि समस्याओं को लेकर अनेक बार प्रशासनिक अधिकारियों व ग्राम प्रधान को अवगत कराया जा चुका है। लेकिन समस्या जस की तश बनी हुई हे। वहां के वाशिन्दों ने जिला प्रशासन एवं नगरपालिका को चेतावनी दी है कि अगर इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में नागरिक सड़कों पर आ जाएंगे।






Related Items
‘ट्रंप टैरिफ’ के बाद भारत दृढ़ता से खोजे अपना मार्ग
जब तक गंदगी से जंग न जीते तब तक काहे के ‘स्मार्ट सिटी’!
अंतर्गमन है धर्म के तत्व को खोजने का मार्ग