मथुरा। विट्ठलेश महाराज की पुण्य स्मृति में चल रही ब्रज चैरासी कोस दर्शन पद यात्रा के अन्तर्गत आज प्रातः पुरूषोत्तमलाल महाराज के द्वारा वैदिक परम्परा एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्री गरूण गोविन्द महाराज के विग्रह का पंचामृत अभिषेक एवं वैदिक रीति से पूजन अर्चन किया गया। इसके पश्चात् ब्रज चैरासी कोस पद यात्रा वृन्दावन से मदनटेर, कालीदह, कालीमर्दन, मदनमोहन अष्टसखी के दर्शन करते हुए श्री बांकेबिहारी के धाम वृन्दावन में पहुंची। यात्रा में गोपाल भक्तों को आशीवर्चन प्रदान करते हुए एवं तीर्थ की महिमा का वर्णन करते हुए श्री गोपाल पीठाधीश्वर ने कहा कि ब्रज के वन, उपवन, अधिवनों में यह छटीकरा क्षेत्र श्री राधा जी की निकुन्ज स्थली के रूप में विख्यात है यहां पर श्री राधा जी की छह प्रकार की गुप्त निकुंज स्थलियां हैं। यह भूमि विष्णु स्वामी वैदिक मर्यादामार्गीय आचार्य जनों की तपोस्थली एवं साधना स्थली के रूप में भी विख्यात है।





