वार्षिक भण्डारे के बाद अपने गतंव्य को लौटते जयगुरूदेव के अनुयायी
मथुरा। आज बाबा जयगुरूदेव वार्षिक भण्डारे के समापन के साथ ही देश के विभिन्न प्रांतों से आये श्रद्धालुओं का अपने- अपने प्रदेशों में लौटना शुरू हो गया। इस प्रकार पांच दिवसीय मेला आज समापन की ओर था। अपने-अपने सिर पर गठरियां लादे जयगुरूदेव भक्तों की टोली अपने गंतव्य को जाती नजर आयी। पांच दिन मेले में धर्म और ज्ञान की जमकर वर्षा हुयी। पंकज बाबा ने आने वाले श्रद्धालुओं का पूरा ख्याल रखा। शादी समारोह भी आयोजित हुये जिसमें मुक्तकंठ से बाबा जयगुरूदेव आश्रम की ओर से वर-वधूओं को आर्शीवाद और यथायोग्य सेवायें भी की गयीं। यह अनूठा आयोजन प्रतिवर्ष आश्रम में चलता है जिसे महाराज जयगुरूदेव शुरू करा गये थे। भण्डारा सत्संग-मेला में सम्पन्न हुये दहेज रहित विवाह कार्यक्रम में कुल इक्कीस जोड़े दाम्पत्य सूत्र के बन्धन में बधें।





