मथुरा। जयगुरुदेव आश्रम पर आयोजित होने वाला सत्संग-मेला आज से शुरू हो रहा है जो 22 दिसम्बर तक चलेगा। इलाहाबाद, गाजीपुर, बस्ती, कानपुर नगर, जौनपुर, रायबरेली, बाराबंकी, प्रतापगढ़, आदि (उघ्प्र), सतना, अशोक नगर, रतलाम, शहडोल (मघ्प्र), दाहोद, सूरत (गुज), महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान उड़ीसा आदि अधिकांश जनपदों व प्रान्तों के भण्डारे प्रारम्भ हो गये हैं। हजारों की संख्या में श्रद्घालु वार्षिक भण्डारे के प्रारम्भ होने की पूर्व संध्या पर मेला परिसर में पहुंच चुके हैं।
प्रातरूकाल सत्संग सुनाते हुये राष्ट्रीय उपदेशक डा. करुणाकान्त जी ने कहा कि आत्म कल्याण के लिये मानव जीवन में सच्चे सत्गुरु की प्राप्ति होना बहुत बड़े भाग्य की बात है। बिना सत्गुरु के भव पार जाना सम्भव नहीं है। सत्संग के पूर्व प्रार्थना, सुमिरन, ध्यान और भजन की साधना का भी अभ्यास कराया गया। सांयकाल सत्संग सुनाते हुये राष्ट्रीय उपदेशक सतीश चन्द्र जी ने मानव जीवन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुये कहा कि शारीरिक आवश्यकताओं के लिये बनाये गये सभी साधन सारहीन और असत्य हैं। सत्य की खोज करनी चााहिये। बिना सत्य की खोज किये मानव जीवन सफल नहीं होगा। सत्य का मार्ग सत्गुरु द्वारा मिलता है। जब प्रभु की कृपा होती है तभी वे मिलते हैं। उन्होंने बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के व्यक्तित्व और कृतित्व पर भी प्रकाश डाला।
मेले के निमित्त आगन्तुकों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। बाईपास पर मेले की रौनक दिखाई देने पड़ने लगी है। जयगुरुदेव नाम योग साधना मन्दिर की विद्युतीय सजावट रात्रि के समय मनमोहक लगती है।





