दूसरी बार सकुशल निकला दहकती लपटों से बाहर पंडा हीरालाल

-जय जयकार से गूंजा पूरा फालैन गांव

मथुरा। प्रहलाद नगरी कोसीकलां के गांव फालैन में बृहस्पतिवार की सुबह होलिका की दहकती लपटों और धधकते अंगारो के मध्य से एक माह से जप पर बैठा हीरालाल पंडा सुरक्षित निकल गया, पंडा के निकलते ही सारा वातावरण भक्त प्रहलाद के जयकारांे से गंुजायमान हो उठा, इस चमत्कारिक घटना को देखने के लिए हजारांे की संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा। नगर के निकटवर्ती गांव फालैन मंे होली से पूर्व बृहस्पतिवार की सुबह करीब साढ़े तीन बजे पंडा समाज की भूमिका निभा रहे हीरालाल पंडा धधकते अंगारो के मध्य से सुरक्षित निकल गया जिसे देखने के लिये कोसी कस्बे के ही नहीं बल्कि देश व विदेश तक के लोग गांव फालैन में पहंुचे और इस भगवान की कृपा के पात्र के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किये। कोसी के गांव फालैन मे हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गांव के मध्य में प्रहलाद मन्दिर के समीप गांव के लोगांे ने 30 फुट गोलाई और 25 फुट ऊंची होलिका बनाई उस होलिका की गांव के लोगांे द्वारा पारम्परिक रूप से पूजा अर्चना की गयी। बृहस्पतिवार की सुबह जैसे ही साढे़ तीन बजे वैसे ही एक माह से तप पर बैठा हीरालाल मंदिर मंे जल रही अखण्डज्योति पर हाथ रखा तो वह अखण्ड ज्योति उसे ठंडी लगने लगी, ज्येाति के ठंडी होने का संकेत मिलते ही हीरालाल पंडा प्रहलाद कुण्ड की तरफ दौड़ लिया और स्नान करने लगा पंडा की बहन से सूर्य देव को अर्क दिया, सूर्य देव को अर्क देते ही गांव के लोगांे द्वारा उस विशालकाय होलिका मंे आग लगा दी गयी, जब अग्नि अपने रौद्र रूप में आ गई तथा पंडा की बहिन द्वारा जलती होलिका में गंगाजल छिड़कते ही साढ़े तीन बजे हीरालाल पंडा भक्त प्रहलाद का नाम लेकर विशालकाय होलिका के धधकते अंगारांे मंे प्रवेश कर गया और पलभर में ही उस विशाल होलिका को पार गया, पंडा के होलिका में सकुशल निकलते ही मौके पर मौजूद हजारांे की संख्या में देखने आये लोग भक्त प्रहलाद के जयघोष करने लगे और पलभर में ही सारा वातावरण भक्त प्रहलाद के जयघोषांे से गुंजायामान हो गया, यहीं फालैन में निकलने वाला पंडा कलयुग में भी भगवान प्रहलाद की याद दिला जाता है, गांव के लोगांे को कहना है कि पंडा निकलने की परम्परा गांव में हजारांे वर्षो पूर्व से चली आ रही यह परम्परा किसी चमत्कार से कम नहीं है, गांव में मेले के अवसर पर गांव के लोगांे द्वारा दूर-दराज से आने वाले लोगांे के लिये रागनी कम्पटीशन आदि का भी आयोजन किया गया, वहीं सुरक्षा की दृष्टि से गांव के चप्पे चप्पे पर पुलिसबल मौजूद रहा। मेला समिति के अध्यक्ष के अनुसार यह आयोजन को देखने के लिए यू ंतो देश ही नहीं विदेशों से भी यहां लोग आते है। मेरे द्वारा मेले में सारी व्यवस्था सुचारू रूप् से की गई है, और आगे भी भविष्य में इस मेले को विशाल बनाया जाएगा। 


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