देश के युवाओं को खेल से जोड़कर उनका सर्वांगीण विकास करने के उद्देश्य से खेलो इंडिया यूथ गेम की शुरुआत की गई है। इसके जरिए कई उदीयमान खिलाड़ियों ने देश में कई रिकॉर्ड बनाए हैं, जो आने वाले भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
अभिनव शॉ
जनवरी 2020 में 10 साल के अभिनव शॉ ने मेहुली घोष के साथ मिलकर खेलो इंडिया यूथ गेम्स में 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। इससे वह खेलो इंडिया में सबसे कम उम्र के स्वर्ण पदक विजेता बने। अभिनव ने अभी तक कोई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं खेला है। हालांकि, इस युवा निशानेबाज को राष्ट्रीय स्तर पर शुरुआती सफलता मिली है।
फिलिप महेश्वरन तबिता
तबिता ने पिछले साल हांगकांग में तीसरे एशियाई युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। इस युवा खिलाड़ी ने 13.86 सेकंड के समय के साथ 100 मीटर बाधा दौड़ में शीर्ष स्थान हासिल किया। तबिता को इस शानदार प्रदर्शन के बाद एशियाई युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए चुना गया। जब भारतीय सीनियर टीम ने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक के साथ वापसी की, तो 16 वर्षीय तबिता ने अकेले ही एशियाई युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में एक पदक हासिल किया।
सौरभ चौधरी
सौरभ चौधरी एक भारतीय निशानेबाज हैं। सौरभ के नाम जूनियर और सीनियर दोनों ही स्तर पर पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल का वर्ल्ड रिकॉर्ड एक ही प्वाइंट पर दर्ज है, जो उन्होंने 16 साल की उम्र में हासिल किया था। साल 2019 में नई दिल्ली में आयोजित शूटिंग वर्ल्ड कप में सौरभ चौधरी ने बेहतरीन अंदाज़ में सीनियर मेंस टीम में अपना डेब्यू किया था। उन्होंने अपने पहले ही टूर्नामेंट में रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता और टोक्यो ओलिंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया।
जेरेमी लालरिनुगा
महज 17 वर्ष की आयु में जेरेमी भारोत्तोलन में छह अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। उनमें तीन युवा विश्व और तीन युवा एशियन रहे। वहीं, राष्ट्रीय स्तर के नौ कीर्तिमानों में तीन युवा राष्ट्रीय, तीन जूनियर राष्ट्रीय और तीन सीनियर राष्ट्रीय रहे।
स्वदेश मंडल
दिल्ली के युवा तैराक स्वदेश मंडल ने साल 2018 में नेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप में भाग लेने वाली पांच स्पर्धाओं में से प्रत्येक में स्वर्ण पदक जीतने और राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने की अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की। उन्होंने पहले ही चार स्वर्ण पदक जीते हैं। उन्होंने साल 2014 में अपनी पहली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में तीन स्वर्ण पदक और 2015 में अपना पहला राष्ट्रीय पदक जीता।
कोमोलिका बारी
महज 17 साल उम्र में कोमोलिका बारी साल 2020 में स्पेन में विश्व युवा तीरंदाजी और कैडेट चैंपियनशिप में भारत की तीसरी महिला विश्व चैंपियन बनी। कोमोलिका दीपिका कुमारी के बाद अंडर-18 रिकर्व महिला वर्ग में भारत की तीसरी महिला तीरंदाज विश्व विजेता बनीं, जिन्होंने 2009 में खिताब जीता था।
मानुष शाह
गुजरात के मानुष शाह साल 2019 में खेले गए इंडिया यूथ गेम्स में टेबल टेनिस में अंडर-21 सेक्शन में चैंपियन रहे। मानुष ने इंटरनेशनल टेबल टेनिस फेडरेशन- 2016 इंडिया जूनियर और कैडेट ओपन टेबल टेनिस चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया। इसके अलावा, उन्हें 22वीं एशियाई जूनियर और कैडेट टेबल टेनिस चैंपियनशिप के लिए भारतीय सब-जूनियर टीम में चुना गया था।
अंशु मलिक
महज 18 वर्षीय पहलवान दो बार की एशियाई कैडेट चैंपियनशिप पदक विजेता हैं। वह 57 किग्रा वर्ग में जूनियर एशियाई चैंपियन भी हैं।
देश में खेलो इंडिया की शुरुआत साल 2018 में हुई। इसके तहत एथलेटिक्स, कबड्डी, कराटे, कुश्ती, कैनोइंग, क्रिकेट, खो-खो, जिम्नास्टिक, जूडो, टेबल टेनिस, तलवारबाजी, ताइक्वांडो, तीरंदाजी, तैराकी, निशानेबाजी, नौकायन, फुटबॉल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, लॉन टेनिस, वॉलीबॉल, वुशु, वेटलिफ्टिंग, शतरंज व साइकिलिंग आदि के खेल खेले जाते हैं। अब इसमें योगासन और मल्लखंब को भी जोड़ दिया गया है।






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