दो दिन पूर्व हुई साधु की हत्या का खुलासा करते एसएसपी डा. राकेश सिंह एवं एसपी सिटी शैलेष पांडे पीछे खड़े तीनों हत्यारोपी
शिष्यों ने ही की थी किरार आश्रम के महंत की हत्या
मथुरा। गत दो दिन पूर्व मथुरा-गोवर्धन मार्ग पर स्थित अखिल भारतीय किरार आश्रम में रहने वाले बाबा परमेश्वर दास की हत्या के मामले में बाबा के शिष्य ही हत्यारे निकले जिसमें एक अभियुक्त तो पूर्व से ही आजीवन कारावास का फरार अपराधी था। गोवर्धन पुलिस ने इसका खुलासा कर दिया। संपूर्ण घटना की जानकारी देते वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डाॅ. राकेश सिंह ने पत्रकारों को बताया कि कस्बा गोवर्धन में गत 08 दिसंबर को बाबा परमेश्वर दास की हत्या का मामला गोवर्धन थाने पर दर्ज हुआ था। इस मामले में मंदिर में रह रहे बाबा के भक्तों ने बताया था कि अज्ञात बदमाशों ने उन्हें कुण्डी बंद कर कमरे में बंद कर दिया था और बाबा की हत्या कर दी थी।
मामले की छानबीन के दौरान आश्रम में रह रहे बाबा के शिष्य और घटना के रिपोर्टकर्ता राजभान चतुर्वेदी पुत्र शंकर प्रसाद चतुर्वेदी निवासी पुरवा झारकूंआ थाना अमानगंज पन्ना मध्यप्रदेश हाल निवासी अखिल भारतीय किरार आश्रम गोवर्धन उसका भाई विमलेश पुत्र शंकर प्रसाद, राहुल गर्ग उर्फ चुन्नू गर्ग पुत्र रामखिलावन जो इसी क्षेत्र का रहने वाला है और वर्तमान में बाबा के किरार आश्रम में रह रहा था। इन्हीं लोगों ने घटना को अंजाम दिया। तीनों अभियुक्त बाबा के शिष्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। घटना का इकबाल करते हुये इन लोगों ने बताया कि आंतरिक विवाद के चलते बाबा की हत्या की गयी। घटनास्थल के निरीक्षण से ही स्पष्ट हो गया था कि इस घटना में आश्रम में रहने वाले व्यक्तियों का हाथ है। जांच के दौरान प्रकाश में आये तथ्यों के आधार पर पूछताछ करने पर तीनों अभियुक्तों ने अपना अपराध स्वीकार किया। एसएसपी ने बताया कि अभियुक्त राहुल गर्ग उर्फ चुन्नू पूर्व में भी एक महिला की कुल्हाड़ी से काटकर अपने गांव में वर्ष 2013 में हत्या कर चुका है जिसमें जिला जज पन्ना के न्यायालय से उसे आजीवन कारावास की सजा मिली थी जिसमें वह फरार चल रहा है। इस घटना के अनावरण में थानाध्यक्ष गोवर्धन अरविन्द कुमार, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार, कांस्टेबिल हरवीर सिंह और कौशल कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





