रेलवे प्रशासन तोड़ने पर आमादा
मथुरा। शहर की कैलाश नगर काॅलौनी में नगर पालिका द्वारा बनाई गई इंटरलाॅकिंग सड़क को रेलवे अधिकारियों द्वारा ध्वस्त किए जाने की चेतावनी के बाद कैलाश नगर के वाशिन्दें अब सड़क पर आ गए और उन्होंने रेलवे व जिला प्रशासन को पत्र भेज संपर्क मार्ग तोड़े जाने पर आंदोलनात्मक रूख अपनाने की बात कही है।
ज्ञात रहे कैलाश नगर में नगर पालिका द्वारा रेलवे पटरी के समीप पूर्व में बनी सड़क के क्षतिग्रस्त होने पर पुनः एक माह पूर्व इंटरलाॅकिंग सड़क बनवाई थी, जिसे रेलवे की टीम ने मौके पर पहुंच तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध पर टीम के साथ आए रेलवे प्रशासन के लोग इसे अतिक्रमण बता एक माह में तोड़ने का अल्टीमेटम देकर लौट गए। यह काॅलौनी मथुरा-वृंदावन रेल लाइन एवं दिल्ली आगरा रेल लाइन के मध्य बसी है। यहां निकलने का कोई रास्ता न होने के कारण करीब 15 वर्ष पूर्व मथुरा-वृंदावन रेल लाइन के करीब विधायक निधि द्वारा सड़क बनी थी, जो जर्जर हो गई थी। जेनर्म में नाला निर्माण के दौरान इसे नाले के ऊपर एक मीटर सड़क बनाकर रास्ता बना दिया गया था। पिछले महीने नगर पालिका परिषद ने इस सड़क को बनवाया है। तब भी रेलवे के अधिकारी इसे अतिक्रमण बताते हुए काम रोकने के लिए पहुंच गए। लेकिन किसी तरह सड़क बन गई।
यह सरकारी रास्ता है: ईओ नगर पालिका
इस संबंध में रेलवे अधिकारियों का मौके पर कहना था कि नगरपालिका या संबंधित लोग इसके कागजात दिखाएं, कि यह रेलवे की जमीन नहीं है। जबकि अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका मथुरा उदयराज यादव का कहना है कि यह पुरानी सड़क है और काॅलौनी का एक मात्र रास्ता है, यह सरकारी रास्ता है, अतिक्रमण नहीं।
स्थानीय वाशिन्दें आंदोलनात्मक रवैय्ये पर
कैलाश नगर विकास समिति के पदाधिकारियों ने बैठक कर रेलवे प्रशासन द्वारा इस काॅलौनी के लोगों को रास्ते से महरूम किए जाने पर संघर्ष की रूपरेखा अपनाने की घोषणा की गई है। समिति जिला प्रशासन एवं क्षेत्रीय विधायक व सांसद से मिलकर रास्ते को सुरक्षित रखने की गुहार लगाएंगे। यदि रेल प्रशासन फिर भी अपनी तानाशाही से बाज नहीं आता और उनके रास्ते को तुड़वाकर आवागमन में परेशानी डालेगा तो किसी भी स्थिति का सामना करने से वो पीछे नहीं हटें।





