पंचायत निर्वाचन नामावलियों के वृहद् पुनरीक्षण का कार्यक्रम हुआ तय

मथुरा। जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पं0) जिला निर्वाचन (पंचायत एवं नगरीय निकाय) ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति से अवगत कराया है कि 17 मई 2015 के द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में जनपद मथुरा की समस्त ग्राम पंचायतों की निर्वाचन नामावलियों का वृहद् पुनरीक्षण कराये जाने हेतु निम्नवत् कार्यक्रम बनाया गया है। नव सृज्जित एवं विद्यमान ग्राम पंचायतों में मतदाताओं का स्थानान्तरण और किसी ग्राम पंचायत के अन्य ग्राम पंचायत अथवा नगरीय निकाय में समाहित होने की स्थिति में विलोपन की कार्यवाही बी0एल0ओ0 एवं पर्यवेक्षकों को उनके कार्य क्षेत्र का आंवटन उन्हे तत्सम्बन्धी जानकारी देना तथा स्टेशनरी आदि का वितरण उपरोक्त दोनों कार्यवाही पृथक 2 तथा समानान्तर चलेगी दिनांक 18 मई से 31 मई तक, बी0एल0ओ0 द्वारा घर 2 जाकर गणना और सर्वेक्षण करने की अवधि है दिनांक 01 जून से 13 जुलाई तक, ड्राफट नामावली कम्प्यूटरीकृत पाण्डुलिपि तैयार करने की अवधि दिनांक 14 जुलाई से 07 अगस्त तक, निर्वाचक नामावली का अनन्तिम प्रकाशन दिनांक 08 अगस्त को, अनन्तिम निर्वाचक नामावली का निरीक्षण दिनांक 08 अगस्त से 10 अगस्त तक, दावे एवं आपत्ति प्राप्त करने की अवधि 15 अगस्त से 20 अगस्त तक, दावे और आपत्तियों का निस्तारण 15 से 20 अगस्त तक, दावे और आपत्तियों के निस्तारण के उपरान्त पूरक सूचियों की पाण्डुलिपियों की तैयारी तथा उन्हे मूल सूची में यथास्थान समाहित करने की कार्यवाही दिनांक 21 से 29 अगस्त तक तथा निर्वाचक नामावलियों का जन सामान्य के लिए अन्तिम प्रकाशन दिनांक 31 अगस्त होगा। समस्त उप जिला मजिस्ट्रेट जनपद मथुरा को निर्देश दिये हैं कि 18 मई 2015 को तत्काल प्रभाव से बी0एल0ओ0 को नियुक्त कर प्रशिक्षण देते हुए निर्वाचन नामावली के पुनरीक्षण कार्यक्रम के अनुसार पूर्ण किया जा सके। संज्ञान में आया है कि कुछ बी0एल0ओ0 एवं पर्यवेक्षकों द्वारा अभी तक अपने पद से सम्बन्धित सामग्री प्राप्त नही की गयी है। ऐसी स्थति में नियुक्त बी0एल0ओ0 एवं पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया है कि अपने सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट या सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के अन्तर्गत आने वाले सम्बन्धित विकास खण्ड कार्यालय से सम्बन्धित निर्वाचन सामग्री दिनांक 05 जून 2015 तक अनिवार्य रूप से प्राप्त कर कार्य समयान्तर्गत पूर्ण कराना सुनिश्ति करें। बी0एल0ओ0 एवं पर्यवेक्षों के विभागाध्यक्षों को भी निर्देशित किया जाता है  िकवह भी अपने विभाग के कर्मचारियों जो बी0एल0ओ0 एवं पर्यवेक्षक के पद पर नियुक्त हुये हैं, उनको अपने स्तर से भी कार्य को किये जाने हेतु निर्देशित करें। यदि बी0एल0ओ0 या पर्यवेक्षक द्वारा फिर भी लापरवाही या उदासीनता बरती जाती है तो उनके विरूद्ध नियमानुसार कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। जिसके लिए सम्बन्धित कर्मचारी व विभागाध्यक्ष पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे।


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