वृन्दावन। नगर में जाम की समस्या एवं परिक्रमा मार्ग में भारी एवं हल्के वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के सम्बन्ध मे पालिकाध्यक्ष ने पुनः जिलाधिकारी मथुरा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा को पत्र लिखा। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि यमुना एक्सप्रेस वे से वृन्दावन व मथुरा जाने वाले सभी भारी एवं हल्के वाहन बस, ट्रक, कार, ट्रैक्टर ट्राली, डम्पर आदि पानी गांव पुल से उतर कर वृन्दावन परिक्रमा से चल रहे हैं। जिसके कारण पैदल तथा दण्डवती परिक्रमा करने वाले भक्तगण आये दिन वाहनों से चुटैल हो जाते हैं। परिक्रमा मार्ग में अधिकांश जाम लगा रहता है। परिक्रमा मार्ग में परिक्रमा लगाना मुश्किल हो गया है, साथ ही नगर के प्रमुख हरि निकुंज, विद्यापीठ, अटल्ला चुंगी, नगर पालिका चैराहा, सौ फुटा रोड पर यातायात पुलिस न होने से वाहनों की लम्बी कतारें लग जाती है और भारी जाम के कारण घण्टों तक लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। इन वाहनों को पार्किंग स्थलों पर ही खडा किया जाये। जिससे कि जाम की समस्या से बचा जा सके। वृन्दावन नगर के सभी संत महन्त एवं सामाजिक संस्थाओं ने पालिकाध्यक्ष से परिक्रमा मार्ग में वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने की अपील की है, साथ ही कहा कि नगर में शीघ्र ही परिक्रमा मार्ग में वाहनों के प्रवेश पर रोक न लगी तो जन आन्दोलन पर उतर आयेंगे। उन्होने बताया कि वर्तमान में अधिक मास प्रारम्भ हो गया है, इस मास में दिन रात वृन्दावन की पंचकोसीय परिक्रमा लगती है। अधिक मास के अंतर्गत परिक्रमा देने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ काफी मात्रा में बढ़ जाती है। दिन रात लगने वाली पंच कोसीय परिक्रमा अधिक मास में 35 दिन तक लगती है। इस परिक्रमा में श्रद्धालुओं की संख्या शनिवार रविवार एवं पूर्णिमा अमावस्या के दिन बढ़ जाती है। परिक्रमा मार्ग में पैदल चलना दूभर हो जाता है। इसके साथ ही भारी वाहन परिक्रमा मार्ग में प्रवेश करते हैं, जिससे जाम व दुर्घटना की स्थिति लगातार बनी रहती है। नगर के मुख्य मार्गाें पर अतिक्रमण के कारण भी लोगों को आवागमन में काफी असुविधा का सामना करना पडता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए नगर के महा मण्डलेश्वर, सन्तों एवं वृन्दावन नगर की जनता ने मुझसे अधिक मास में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए मुलाकात की व समस्या का समाधान करने को कहा। उन्होने कहा कि इन वाहनों को परिक्रमा मार्ग में से होकर न निकाला जाये। जिससे कि दुर्घटना व जाम की स्थिति से बचा जा सके।





