पांच आरोपियों में से दो आरोपी दबोचे
मथुरा । पंजाब नेशनल बैंक के सामने से वन विभाग के कर्मचारियों से विगत 12 रोज पूर्व दिन-दहाड़े 10 लाख की लूट में शामिल पांच लोगों में से दो लोगों को कोतवाली पुलिस एवं स्वाट टीम ने पकड़ कर जेल भेजा है। लूट के गैंग लीडर एसओजी टीम का बर्खास्त सिपाही तथा अन्य दो साथी भागने में सफल रहे। एसएसपी ने लूट के आरोपियेां को पकड़ने वाली पुलिस टीम को पांच हजार का ईनाम दिया है।
पुलिस लाइन स्थित सभागार में एसएसपी बबलू कुमार ने मीडिया केा जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार रात्रि कोतवाली प्रभारी संजय जायसवाल व सर्विलांस प्रभारी सत्यवीर सिंह को सूचना मिली कि दस लाख की लूट करने वाला संतोष अपने एक साथी के साथ महोली रोड की तरफ से निकलने वाला है। सूचना पर कोतवाली प्रभारी संजय जायसवाल चैकी प्रभारी बाग बहादुर सत्यवीर सिंह सविलांस प्रभारी सत्यवीर सिंह व कांस्टेबिल सचिन कुमार विनय कुमार रोहित कुमारए तहसीन खां व रजनीश कुमार मुखबिर द्वारा बताई जगह महोली रोड पहुंचे और चैकिंग शुरू कर दी। कुछ ही देर में एक बाइक पर दो युवक आते दिखाई दिये। रोकने पर भी यह दोनों नहीं रूके तो पुलिस ने इनका पीछा करते हुए इन्हें पकड लिया। पूछताछ में इन युवकों ने अपने नाम संतोष पुत्र रामबिहारी व दिनेश पुत्र नवल सिंह निवासीगण मुरसानए हाथरस बताया। इन दोनों ने वन विभागकर्मी के साथ हुई लूट का इकबाल करते हुए कहा कि हम लोगों ने रैकी करने के बाद इस लूट को अंजाम दिया था। हमने अपने सरदार देवेन्द्र पुत्र ओंकार सिंह निवासी ऊदर थाना मांट बर्खास्त सिपाही के कहने पर इस लूट की वारदात को अंजाम दिया। इनके पास से लूटा गया काला बैगए जिसमें लूट के रूपयों में से एक लाख साठ हजार रूपये व कागजात बरामद हुए। इन दोनों की निशानदेही पर देवेन्द्र के घर मांट से साठ हजार रूपये जमीन में गडे बरामद किये। इसके अलावा लूट में प्रयुक्त अपाछे बाइकए एक पिस्टलए एक देसी तंमचा व नौ कारतूस भी बरामद हुए। इस संबंध में एसएसपी ने बताया कि संतोष देवेन्द्र का दाहिना हाथ है और यह 2015 में आगरा में हुई पचास लाख की लूट में शामिल थाए इस पर पन्द्रह हजार रूपये का इनाम है





