-जिला पंचायती हथियाने को सपा की मथुरा में भी दादागिरी
मथुरा। पूरे प्रदेश में जिला पंचायती हथियाने को उतारू समाजवादी पार्टी ने मथुरा में भी अपनी अराजकता का माहौल बनाते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री और उनके पुत्र सहित कई लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट थाना कोतवाली में दर्ज कराई है। पूरे सूबे में सपा द्वारा पंचायतों को अपने कब्जे में लेने के लिए किए जा रहे सत्ता के दुरूपयोग से लोकतंत्र पूरी तरह कहराता नजर आ रहा है। पूर्व कैबिनेट मंत्री श्यामसुंदर शर्मा ने सोमवार की शाम पत्रकारों से बातचीत में अपनी वेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सत्ता का यह दुरूपयोग अच्छा नहीं है।
पूर्व में जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष रहे और सात बार मांट क्षेत्र से विधायक और कई बार प्रदेश के मंत्री रहे मांट के विधायक पं. श्याम सुन्दर शर्मा और उनके जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दावेदार पुत्र ललित शर्मा के खिलाफ नियुक्तियों में अनियमितता जैसे दस वर्ष पुराने मामले को उखाड़कर फिर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने से राजनैतिक माहौल गर्मा गया है। बसपा के नेताओं के साथ इस उत्पीड़न से पूरे बहुजन समाज पार्टी में भारी आक्रोश है। जिले के राजनीतिज्ञों में इस बेवजह उत्पीड़न को लेकर सियासत गर्माने लगी है। जगदीश नौहवार सत्ता से संबंधों और समाजवादी पार्टी के नेता होने के साथ जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष भी हैं। जिला सहकारी संघ और पार्टी पर उनकी पूरी तरह पकड़ है। उनकी पत्नी सुनीता नौहवार चुनाव लड़ रही हैं। इसी के चलते जगदीश नौहवार पिछले एक सप्ताह से बसपा और भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दावेदारों के उत्पीड़न पर उतर आये हैं। खुलकर इसमें पुलिस और प्रशासन का सहयोग लिया जा रहा है। कभी किसी सदस्य को उठवाया जा रहा है तो किसी को धमकी दी जा रही हैं। सुरीर में भी एक सदस्य को खनन के मामले में लपेटने और भाजपा के एक सदस्य के परिवार के सदस्य पर बलात्कार के मामले में उस सदस्य के उत्पीड़न से राजनैतिक दलों में भारी उफान है। खुलकर जनपद पुलिस का दुरूपयोग किया जा रहा है। बताते हैं कि उप्र सरकार में बैठे मंत्रियों के इशारे पर यह सब दमनात्मक कार्यवाही करायी जा रही है जिससे जनपद के नेताओं में भारी आक्रोश है। अब जनमानस भी इस उत्पीड़न पर सामने आने लगा है।
आज ऐसा ही एक मामला दस वर्ष पुराना निकाला गया है। शहर कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2005, 2007 और 2010 में गलत नियुक्तियों को लेकर धारा 406, 409, 420, 467, 468, 471, 120 बी के तहत दर्ज हुआ है जिसमें श्याम सुन्दर शर्मा वर्तमान विधायक मांट, डाॅ. ललित शर्मा प्रत्याशी जिला पंचायत बहुजन समाज पार्टी एवम सतीश चन्द्र शर्मा, राजेश कुमार शर्मा, विजय प्रकाश मिश्रा, देशपाण्डे, राजकुमार सिंह, अर्जुन सिंह और जयकरण सिंह आदि के नाम दर्ज हुये हैं। इन पर गलत नियुक्तियां और फण्ड के दुरूपयोग जैसे गंभीर मामले हैं। षडयंत्र का मामला भी दर्ज किया गया है।
इस मामले में श्याम सुन्दर शर्मा के पक्ष के लोगों ने बताया कि 10 साल पहले यूपिका के माध्यम से 11 कर्मचारियों को जिला सहकारी बैंक में समायोजित किया गया था। सेवा मण्डल के माध्यम से इनका समायोजन हुआ था जिसमें तत्कालीन एआर और डीआर द्वारा संस्तुति के बाद इन्हें विधिवत प्रक्रिया द्वारा समायोजित किया गया था। इन लोगों को वर्तमान काॅपरेटिव बैंक अध्यक्ष जगदीश नौहवार ने भी प्रमोशन दिया था और अपने कार्यकाल में तीन साल तक वेतन भी दिया। इनमें किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं की गयी है। केवल जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव से रोकने के लिये ऐसा किया गया है। अगर तीन साल तक इन कर्मचारियों को सपा के जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष द्वारा वेतन भी दिया गया है तो गड़बड़ी की बात क्यों कही जा रही है। ऐसे में तो वर्तमान जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष जगदीश नौहवार भी गड़बड़ी के मामले में शामिल हैं। उनके समर्थक पूर्व प्रधान जगदीश शर्मा और अरविन्द शर्मा सहित हजारों समर्थकों ने कहा कि यदि उनकी गिरफ्तारी हुयी तो ईंट से ईंट बजा दी जायेगी और जनता सड़कों पर उतरकर इसका खुलेआम विरोध करेगी।





