मथुरा। जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था व ट्रस्ट के संस्थापक परम् पूज्य बाबा जय गुरुदेव महाराज ने 18 मई 2012 को अपना पंच भौतिक शरीर छोड़ा था। यह दिन ऐतिहासिक व स्मरणीय है। गुरु महाराज की पावन प्रीति को यादगार बनाने के लिये तीसरे वार्षिक भण्डारा सत्संग मेले का आयोजन दिनांक 16 से 21 मई 2015 तक जय गुरुदेव आश्रम मथुरा में संस्था व ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है। बाबा जी अनन्त सत्ता के स्वामी व उच्च आध्यात्मिक पहुंच के महापुरुष थे। आत्माओं के कल्याण के साथ अच्छे समाज का निर्माण उनका एक बड़ा लक्ष्य था। बाबा जी ने लोगों को आगाह करते हुये कहा था कि आगे समय बड़ा नाजुक, दुःखदाई और हाहाकारी आने वाला है। इसलिये हमारी प्रार्थना और अपील है कि कोई हिंसा मत करें। जीव हिंसा बहुत बड़ा पाप है। जीवन को शाकाहारी सदाचारी बनायें, इसी से आंखों में मां, बहन, बहू, बेटी की पहचान आयेगी जो इस समय की बहुत बड़ी आवश्यकता है। वो चाहते थे कि एक अच्छे समाज की स्थापना हो। सब लोग आपस में प्रेम, मोहब्बत से रहें। अपना अपना काम मेहनत ईमानदारी से करें। सबका आदर सम्मान हो और सब लोग थोड़ा सा समय निकालकर भगवान की सच्ची पूजा, भजन, खुदा की सच्ची इबादत और प्रार्थना करें। भण्डारे को यादगार बनाने के लिए मेला परिसर को 41 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 35 विभाग बनाकर उसकी जिम्मेदारी लोगों को सांैप दी गई हैं। पूजन व प्रसाद वितरण का कार्यक्रम 18 मई को रात्रिः 9.30 बजे से प्रारम्भ होगा, भण्डारे का दिन 19 मई मंगलवार है। सत्संग नित्य प्रातः 5ः30 और सायं 5ः00 बजे होगा। प्रार्थना, साधना का कार्यक्रम प्रातः व सायं होगा। दहेज रहित विवाह सायंकाल 9ः00 बजे से होगा। प्रतापगढ़, गाजीपुर व झांसी जिले और नेपाल राष्ट्र आदि के कई भण्डारा (लंगर) अपने सेक्टरों में पहुंच चुके हंै। मेले के अवसर पर संगतें शर्बत प्याऊ भी चलायेंगी।





