बिना अनुभव और शिक्षा के बेच रहे हैं जड़ी बूटियां और दवाएं

मथुरा। सावन-भादौं मेला के दृष्टिगत जनपद में श्र(ालुओं का आवागमन बढ़ा है। वहीं अध्कितर मुख्य मार्गो पर नीम हकीम व दवाओं के नाम पर गुमराह करने वाला गिरोह सक्रिय हो गया है। वृंदावन मुख्य मार्ग हो या शहर की सड़के, जहां एकांत मिला बस वहीं डाल लिया तम्बू। आकर्षक नामों से आकर्षित करने वाले बैनर खानदानी दवा खाना, हिमायलयन जड़ी आदि छद्दम नामों से सजी से दुकाने बृजवासियों के साथ यहां आने वाले श्र(ालुओं को भी गुमराह कर रही है। यहां हर बीमारी के इलाज का दावा करने वाले लोग जेब काटने में पीछे नहीं है। पुरानी से पुरानी बीमारी को जड़ी बूटियों के सहारे ठीक कराने के लालच में गरीब से लेकर अमीर तबके तक का व्यक्ति यहां एकांत क्षेत्रों में सजी इन दुकानों पर पहुंच रहा है। ज्यादातर लोग बांझपन व कामोत्तेजक दवाओं के लिए इन से सम्पर्क साध् रहे है। इसी तरह का एक नजारा कल औरंगाबाद रोड स्थित एक दवा खाने पर देखने को मिला। यहां एक इसी तरह के दवाखाने पर शहर के एक सज्जन अपनी चैपहिया गाड़ी खड़ीकर इलाज कराने वाले व्यक्ति से उलझते देखे गये। बताते है कि कामोत्तेजकजदी लेने के बाद ये सज्जन और भी बेकार हो गये अब मुंह छुपाते घूम रहे है। वहीं जब उनसे नाम जानने का प्रयास किया तो वे भागते नजर आये। इस तरह की बातों से सापफ स्पष्ट है कि इनके द्वारा दी जा रही ये जड़ी-बूटी या तो बिना किसी जानकारी में दी जा रही है या कुछ उल्टे प्रभाव सामने आ रहे है। शहर में इस तरह की जड़ी बूटियों की दुकान ज्यादातर मुख्य मार्गो पर देखी जा रही है। वहीं ये इलाज पुलिसकर्मियों के लिए मुनापफा का सौदा भी साबित हो रहे है। सूत्रा बताते है कि इनसे प्रतिदिन के रिसाब से कुछ तेजतर्रार सिपाही वसूली भी कर रहे है। साथ ही क्षेत्रा में दुकान चलाने की मना करते देखे जाते है। इस ओर स्वास्थ्य विभाग का भी ध्यान नहीं है। 


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