बिहार में हुए चुनावों के परिणाम हमारे सामने हैं। तमाम एक्जिट पोल परिणामों के उलट राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन का प्रदर्शन उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर रहा। इन परिणामों को यदि ध्यान से देखें तो इनमें भावी राजनीति के कई संकेत छुपे नजर आते हैं। चुनाव बाद अब बिहार में राजनीतिक माहौल कैसा रहेगा और उसका केंद्र की राजनीति पर क्या असर पड़ने वाला है? इन्हीं सब बातों पर विमर्श करने के लिए आज हमारे साथ हैं बिहार की जमीन से जुड़े पत्रकार बिपिन तिवारी...
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साक्षात्कार में पूछे गए सवालों के जवाब देकर विचार-विमर्श में भाग लें...
- बिहार चुनावों के नतीजों को आप कैसे देखते हैं?
- चिराग पासवान अब अपना 'हनुमान' धर्म कैसे निभाएंगे?
- केंद्र की राजनीति पर बिहार चुनावों का क्या असर पड़ने वाला है?
- क्या परिवारवाद की राजनीति अब खत्म होने की ओर अग्रसर है?
- क्या बिहार के चुनाव क्षेत्रीय राजनीति के अवसान का संकेत दे रहे हैं?
- क्या तेजस्वी यादव की जीत में मुख्य अड़ंगा असदुद्दीन ओवेसी ने लगाया है?
- क्या बिहार में मुख्यमंत्री बनने के बाद नीतीश कुमार पांच साल का कार्यकाल पूरा कर पाएंगे?
- बिहार में जदयू को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए नीतीश कुमार के सामने क्या विकल्प हैं?






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