भगवान अपने भक्त के अधीन रहते है: देवकीनंदन ठाकुरजी

मथुरा। ठा. श्रीप्रियाकांत जू मंदिर के उद्घाटन समारोह के अंतर्गत चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस व्यासपीठ से बोलते हुए ठा. देवकीनंदन महाराज ने कहा कि भगवान वामन के प्रकट होते ही महर्षि को अति आनंद हुआ। जब वे राजा बलि के यहां वामन अवतार में पहुंचे तो उनके स्वरूप को देखकर राजा बलि ने कहा कि आज मेरा वंश पवित्र हो गया एवं मेरा यह यज्ञ सफल हो गया है। आज भगवान स्वयं मेरे घर पधारे हैं। भगवान वामन ने तीन पग भूमि के बहाने सारी पृथ्वी ही नाप ली। भगवान श्रीराम का जन्म एवं श्रीकृष्ण के जन्म का वर्णन बड़े ही मार्मिक शब्दों में किया। भगवान के जन्मोत्सव में बाबा नंद ने अपने खजाने के दरवाजे खोल दिए। संतों एवं ब्राह्मणों को इच्छानुसार गायों का दान किया। 

 


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