भजनकुटी हमले में लापता साधुओं का अभी तक सुराग नहीं

लापता साधुओं की तलाश को लेकर डीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते वृंदावन के भजनकुटी के साधु संत 

मथुरा। आज नेपाली समाज एकता समिति के बैनरतले ‘मूलप्रवाह अखिल भारत नेपाली एकता समाज पश्चिमोत्तर क्षेत्रीय समिति’ के लोगों ने डीएम कार्यालय पर पंहुचकर एक ज्ञापन सौंपा जिसमें कहा गया है कि भजनकुटी पर हुये तोड़फोड़, हमले में संलग्न व्यक्ति खुलेआम घूम रहे हैं जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उस समय लापता हुये साधु-संतों का अभी तक पता नहीं लग पाया है। भजनकुटी तोड़फोड़ के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाये और साधु-संत, विद्यार्थी एवं माताओं का भय दूर किया जाये। भजनकुटी का लूटा हुआ सामान जिसमें 12 किलोग्राम वजनी अष्टधातु की राधा-गोविन्द की मूर्ति, चार किग्रा राधाकृष्ण की चांदी की दो मूर्तियां, एक किलोग्राम चांदी के लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, दो सौ ग्राम सोने के लडडू गोपाल की मूर्ति, मंदिर के अमूल्य जेवरात, दो दानपत्र में रखे चढावे के लाखों की नगदी, छह गैस-सिलेण्डर, आठ गाय-बछड़े, ट्रस्ट के महत्वपूर्ण कागज, विद्यार्थी, साधु-संतों के निजी प्रयोग के सामान, अस्सी हजार रूपये नगद, कपड़े, विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्र आदि वस्तुओं को हमलावर लूटकर ले गये जिससे ट्रस्ट को करोड़ों रूपये की क्षति हुयी है। उस समय भजनकुटी में मौजूद साधु-संत, विद्यार्थियों को अगवा कर मारपीट की गयी। उसी समय से छह साधु लापता हैं जिनकी अभी तक कोई खबर नहीं है। धनबल के प्रभाव में आरोपी जमानत पै छूट गये हैं। ट्रस्ट कार्यकर्ताओं को धमकाया जा रहा है। अब भूमाफियाओं की नजर राधा टीले पर है, क्योकि भजनकुटी ध्वस्त हो गयी है। वहां रहने वाली वृद्ध मातायें, विद्यार्थी और साधु आतंक के साये में जीवनयापन को बाध्य हैं। यहां 70 वृद्ध मातायें रह रही हैं। ध्वस्त भजनकुटी का निर्माण सरकार द्वारा कराया जाये और समय-समय यहां का निरीक्षण किया जाये। ज्ञापन देने वालों में कपील खनाल, ठाकुर खनाल, तारा जिसी, नारायण जिसी, स्वामी बालकृष्ण देवाचार्य, साध्वी श्रीजी, चिरजीवी ढकाल, केशव सरण बाबा, राम सरण बाबा, महन्त विन्द्रावन दास महाराज, नवन किशोर दास महाराज, गिता दासी, तुलसी दासी, जमुना दासी मौजूद थे।


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