मजिस्ट्रेट बन विधायक के समधी से 12 लाख ठगे

एसएसपी ने दिए वंृदावन कोतवाल को रिपोर्ट लिखने के आदेश

मथुरा।  ठग अपना शिकार बनाने के लिए नए-नए फंडे इजाद करने में लगे हुए हैं। ऐसा ही एक मामला वंृदावन में कृष्णा कान्हा रेजीडेंसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक और गोवर्धन क्षेत्र के विधायक राजकुमार रावत के समधी को लाखों रुपये का चूना लगाने प्रकाश में आया है। मजिस्ट्रेट के भेष में आए ठग ने बिल्डर को अपने प्रभाव में लेने के लिए 12 लाख रुपये का चूना लगा दिया। बिल्र्डर को प्रभाव में लेने के लिए उसने न केवल 43 लाख के फ्लेट की एवज में 22 लाख का चेक तुरंत काटकर दे दिया। बल्कि दो बार उनके मुलाकात को आने के लिए नीली बत्ती लगी लग्जरी गाडियों को प्रयोग भी किया। चैकों के बाउंस होने पर अब निदेशक कार्यवाही के लिए पुलिस के चक्कर लगा रहे हैं। मामला वंृदावन कोतवाली का होने पर एसएसपी ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश कोतवाली प्रभारी को दिए हैं। 

वंृदावन कोतवाली के 17 चैतन्य विहार फेस वन निवासी मार्तण्ड देव पुत्र कपिल देव ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा रमणरेती वंृदावन स्थित कृष्णा कान्हा रेजीडेंसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (जो कि वंृदावन में फ्लैट निर्माण कर बिक्री का कार्य करती है) के कार्यालय में एक व्यक्ति आया। उसने अपना नाम सुशील कुमार पुत्र सूरजपाल सिंह निवासी 15-ए नोयडा बताते हुए 43 लाख रुपये में एक फ्लैट खरीदने की बात कही और उसी दिन अपने अलीगढ़ की स्वर्ण जयंती नगर स्थित इलाहाबाद बैंक के खाता संख्या 50317465740 से 22 लाख रुपये का चेक संख्या 031924 पर हस्ताक्षर करके उन्हें दिया। चैक काटकर देने वाले ठग ने स्वयं को 10-12 दिन पूर्व मैनपुरी में एसडीएम के पद पर तैनात होने की भी जानकारी दी। उन्हें शक भी नहीं हुआ क्योंकि ठग नीली बत्ती लगी गाड़ी में आया था। ठग ने उन्हें विश्वास में लिया और उसके बाद अपने तबादले के  लिए 12 लाख रुपये की आवश्यकता बताते हुए 22 लाख रुपये के चैक की एवज में निजी खाते से आरटीजीएस कराने का अनुरोध किया। 

वह ठग की बातों में आ गए और 27 जनवरी को अपने वंृदावन के फोगला आश्रम स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक के खाता संख्या 216701000000070 से ठग के खाते में 12 लाख रुपये आरटीजीएस द्वारा डाल दिए। साथ ही ठग के द्वारा दिए गए चैक को बैंक में रियलाइजेशन के लिए डाला तो खाते में रुपये न होने के कारण चैक डिसओनर हो गया। पूछने पर बताया कि उसके खाते में किसी व्यक्ति को नगदी डालनी थी उसने नहीं डाली इसलिए ऐसा हुआ। चैक को पुनः 29 जनवरी को लगा दें तो उन्होंने ऐसा ही किया, लेकिन 30 को फिर चैक डिसओनर हो गया। अब उन्हें शक हुआ और पूछताछ शुरु की तो उन्हें पता चला कि ठग ने अपने खाते से इस दौरान 29 जनवरी को दस लाख रुपये बैंक नियमों के विपरीत नगद निकाल लिए हैं। उनके द्वारा डाले गए 12 लाख में से 11 लाख बैंक खाते में मौजूद हैं। इस धनराशि को भी वह जालसाजी कर बैंक से निकालने की फिराक में है। इस संबंध में विधायक राजकुमार रावत समेत अन्य लोगों के साथ पीडि़त ने एसएसपी डा. राकेश सिंह से मुलाकात की। एसएसपी ने मामले की गंभीरता को समझा और वंृदावन कोतवाल को रिपोर्ट दर्जकर कार्यवाही के निर्देश दिए। पीडि़त ने बताया कि उसने इस संबंध में एक प्रार्थना पत्र इलाहाबाद बैंक एवं स्थानीय थाने में भी कार्यवाही के लिए दिया है।


Subscribe now

Login and subscribe to continue reading this story....

Already a user? Login






Mediabharti