मथुरा, हिंदी सिनेमा के अमर गीतकार शैलेन्द्र की याद को बनाये रखने के लिए मथुरा नगर पालिका परिषद ने शहर की एक सड़क को ' गीतकार शैलेंद्र को समर्पित करने का फैसला लिया है . यह कार्य १३ फरवरी को सम्पन्न होगा . '' गीतकार शैलेन्द्र मार्ग '' के उध्दघाटन के मौके पर शैलेंद्र के बेटे दिनेश भी रहेंगे.
हिंदी फिल्मों में करीब ८०० गीतों के रचियता और फिल्म ''तीसरी कसम '' के निर्माता शैलेंद्र के जीवन के शुरूआती १४ साल मथुरा में बीते . वह यहीं पढ़े और खेले कूदे . रेलवे में नौकरी लगी तो यहाँ से मुंबई गए और फिर राजकपूर के संपर्क में आये . सन १९६६ में ४३ साल की अल्प आयु में दिवंगत हुए शैलेन्द्र मथुरा की धौली प्याऊ इलाके की गली गंगा सिंह में रहे . नई पीढ़ी इन सभी तथ्यों से अनभिज्ञ है. अभिनेत्री से सांसद बनी हेमा मालिनी ने भी मथुरा पालिका की अध्यक्षा मनीषा गुप्ता से शैलेन्द्र के नाम पर सड़क बनबाने का सुक्षाव दिया था . मनीषा गुप्ता ने बताया कि उन्होंने शैलेन्द्र के नाम का स्मृति चिन्ह लगाने की कार्यवाही नगर की एक साहित्यिक - सांस्कृतिक संस्था की पहल पर शुरू की . उन्होंने कहा कि गीतकार शैलेन्द्र और मथुरा के रिश्तों के प्रचार होने से हमारा नगर गौरवान्वित होगा .





