मथुरा । भारत सरकार के राजभाषा विभाग के आदेश के अनुपालन में मथुरा रिफाइनरी में 14 सितम्बर से 28 सितम्बर तक हिन्दी पखवाड़ा आयोजित किया गया। हिंदी पखवाड़ा-14 सितम्बर को आयोजित राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक के साथ प्रारम्भ हुआ जिसमें कार्यकारी प्रमुखों, विभागाध्यक्षों, वरिष्ठ अधिकारियों को राजभाषा नियम, अधिनियम व प्रोत्साहन योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई । हिन्दी पखवाड़े के अंतर्गत कर्मचारियों के लिए हिंदी निबंध,आशुभाषण,प्रश्नोत्तरी,अंत्याक्षरी, नारा,टॉउनशिप की महिलाओं एवं स्कूल विद्यार्थियों के लिए सुलेख, सी.आई.एस.एफ.व अध्यापकों के लिए निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की गई जिनमें कुल 643 प्रतिभागियों ने भाग लिया। एन. पबनराज, उप महाप्रबंधक (प्रशासन, सी.सी.व सी.एस.आर) ने सभी का स्वागत करते हुए कार्यालयीन कामकाज में सरल हिंदी के प्रयोग पर बल दिया। राजीब कलिता , महाप्रबंधक (मानव संसाधन ), मथुरा रिफाइनरी ने अध्यक्षीय भाषण में राजभाषा की संवैधानिक व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सभी के सहयोग से नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, मथुरा को क्षेत्रीय स्तर पर ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर भी राष्ट्रपति से 14 सितम्बर को मथुरा रिफाइनरी के प्रमुख एस.एम. वैद्या, महाप्रबंधक (प्रभारी) को राजभाषा शील्ड़ (प्रथम पुरस्कार) व डॉ वी. डी. गौतम को प्रशंसा पत्र मिला है। हिंदी आज एक ग्लोबल भाषा है । हिंदी ने मानस को मानव से जोड़ा है। विविधता में एकता का पाठ पढ़ाया है । भारत के एक बड़े भू-भाग में बोली और समझी जाने वाली भाषा हिंदी में भारतीय संस्कृति की आत्मा बसती है। ये ऐसी जीवंत भाषा है जिसमें अंतर्निहित रचनात्मक शक्ति है, व्यवहारधर्मिता है और गतिमयता है। संसदीय राजभाषा समिति एवं अन्य राजभाषा निरीक्षणों के दौरान मथुरा रिफाइनरी की हिंदी प्रगति को संतोषजनक पाया गया है। तथापि कार्यालयीन काम-काज में हिंदी के प्रयोग की और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है। कम्प्यूटर पर यूनीकोड़ फॉन्ट के माध्यम से हिंदी ई-मेल भी भेजें और पत्राचार बढ़ाएं। उन्होंने अपने सारगर्भित भाषणों में राजभाषा की प्रगति पर प्रसन्नता प्रकट करते हुए इसे और लक्ष्योन्मुखी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया । डॉ. वी.डी.गौतम, वरिष्ठ प्रबंधक (हिंदी व प्रशासन) ने वर्ष 2015-16 के दौरान हिंदी के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति का लेखा- जोखा प्रस्तुत किया एवं सभी से हिंदी पत्रिका के लिए लेख भेजने के लिए अनुरोध किया। अंत में राजीब कलिता कुमार एवं अरविंद कुमार ने प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए । इस अवसर पर अंताक्षरी प्रतियोगिता के निर्णायक मथुरा के प्रसिद्ध कवि डॉ. सोहनलाल शीतल डॉ. महेन्द्र सिंह व संतोष कुमार सिंह की नई कविताओं को सुनने का अववसर भी मिला ।





