मुख्यसचिव को मंदिर में भोजन कराने पर साढ़े सात लाख का जुर्माना

मथुरा। वृंदावन स्थित विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर परिसर में प्रदेश के मुख्यसचिव सहित सरकारी अधिकारियों के अमले को नियम विरुद्ध भोजन कराने के मामले में मंदिर प्रबंधन ने सेवायत्त गोस्वामी पर साढ़े सात लाख का जुर्माना ठोका है। दण्ड की राशि सात दिन में जमा न करने पर मंदिर से मिलने वाले सुविधाओं से परिवार को वंचित करने की चेतावनी भी दी गई है। 

मंगलवार देररात मंदिर प्रबंधन कमेटी की हुई बैठक में सेवायत्त गोस्वामी आनंद किशोर गोस्वामी व उसके भाई जुगल किशोर गोस्वामी पर मंदिर की परपंराओं को तोड़ते हुए 30 जून को देररात प्रदेश के मुख्य सचिव एवं जिलाधिकारी मथुरा सहित करीब 75 लोगों को मंदिर परिसर में कुर्सी लगाकर भोजन कराने पर साढ़े सात लाख रुपए जुर्माना तय किया गया। जुर्माना की राशि सात दिन के अंदर अदा न करने पर मंदिर प्रबंधन ने गोस्वामी बंधुओं को मंदिर से मिलने वाली सभी सुविधाएं बच्चे के जनेऊ, मुण्डन, शिक्षा, विवाह तथा वृद्धा पेंशन आदि के रूप में मिलने वाली सभी सुविधाओं से वंचित करने की चेतावनी भी दी है। 

ज्ञात रहे आनंद गोस्वामी ने अपनी पूजा-अर्चना के दौरान 30 जून को जनपद दौरे पर आए प्रदेश के मुख्यसचिव आलोक रंजन सहित आगरा मंडल एवं जनपद के करीब 75 आलाधिकारियों के प्रशासनिक अमले को बांके बिहारी मंदिर परिसर में कुर्सी-मेज लगाकर दावत खिलाई थी। कोर्ट के नियमानुसार मंदिर परिसर में किसी को भी भोजन कराने पर पाबंदी है। गोस्वामी द्वारा परपंराएं तोड़े जाने पर नाराजगी जताते हुए मंदिर प्रबंधन कमेटी ने 10 हजार रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से साढ़े सात लाख रुपए का जुर्माना आनंद व जुगल गोस्वामी पर ठोका है। 

बैठक में प्रबंधन कमेटी अध्यक्ष नंदकिशोर उपमन्यु एडवोकेट, उपाध्यक्ष घनश्याम गोस्वामी सदस्य रजत गोस्वामी, ब्रिजेश गोस्वामी, गौरव गोस्वामी, विकास वाष्र्णेय, जयप्रकाश शर्मा, आदि मौजूद थे। 

 

 


Subscribe now

Login and subscribe to continue reading this story....

Already a user? Login






Mediabharti