रमण कुंड के निकट स्थापित की गई प्रतिमाएं लगी हैं श्रद्धालुओं को लुभाने में
मथुरा। यमुना मिशन ने अपने विकास कार्य को और अधिक गति देते हुए रमणरेती महावन में विकास कार्य कराना प्रारम्भ कर दिया है। जहां एक ओर मशीनों की सहायता से घाटों वाली यमुना का सौंदर्यीकरण जारी है वहीं रमणरेती स्थित आश्रम में निर्माण कराए गए बिहारी जी कुंड में युवा स्नान कर गर्मी को तो दूर कर ही रहे हैं वहीं इस कुंड के निर्माण ने वहां के वातावरण में चार चांद लगाने का कार्य किया है। अनिल शर्मा ने बताया कि मथुरा के बाद रमण रेती में प्रारम्भ हुए विकास कार्य से यहां आने वाले श्रद्वालुओं की संख्या में भी इजाफा हुआ है वहीं उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह केन्द्र और भी अधिक श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करने में कारगर सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि यमुना शुद्धि संकल्प मिशन का एकमात्र उदे्श्य हर हाल में यमुना को शुद्व कराकर ब्रज में प्रवाहित करना है। उन्होंने आगे बताया कि अगर शीघ्र ही यमुना ब्रज में नहीं आई तो धीरे धीरे यमुना का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। रमणरेती स्थित रमण कुंड जाने वाले मार्ग में लगाई गई देवी देवताओं की प्रतिमाएं भी पर्यटन को बढावा देने में अहम भूमिका निभाएंगी और भक्तों में आस्था का स्त्रोत आएगा जिससे यह विश्व का पहला रमणीक स्थान के रूप में जाना जाएगा। श्री शर्मा ने आगे बताया कि ब्रज में यमुना जी को मां के रूप में पूजा जाता है। यमुना मोक्ष दायिनी तो है ही साथ ही यह अपने भक्तों के समस्त कष्टों का भी निवारण करती है। यदि हमारी मां यमुना हमारे लिए इतना कुछ कर सकती है तो क्या हमारा इतना कर्तव्य नहीं बनता कि हम यमुना मां की सेवा के इस कार्य में अपनी भागीदारी देकर उसे इस प्रदूषण रूपी राक्षस के चंगुल से मुक्त कराएं। उन्होंने समस्त ब्रजवासियों व यमुना भक्तों से इस कार्य में सहयोग कर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।





