
केन्द्र एवं राजस्थान सरकार के प्रयासों और वैज्ञानिकों एवं कृषि विशेषज्ञों की मदद से राजस्थान के किसान पारंपरिक खेती के तरीकों के साथ-साथ आधुनिक कृषि के युग में प्रवेश कर रहे है। फलस्वरूप राजस्थान में जैतून, जोजोबा (होहोबा), खजूर जैसी वाणिज्यिक फसलें भी होने लगी है।

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