जिलाधिकारी न्यायालय में विजयी
रालोद-भाजपा गठबंधन प्रत्याशी ममता चैधरी डीएम राजेश कुमार से विजयी प्रमाण पत्र प्राप्त करतीं हुई। उनके साथ मौजूद हैं उनके पति चै. लक्ष्मीनारायण, पूर्व जिला पंचायत अध्यख अनूप चैधरी, भाजपा नेता रविकांत गर्ग, चै तेजवीर सिंह, एसके शर्मा, रालोद नेता राजेन्द्र सिंह सिकरवार आदि।
आकर अपनी जीत का इजहार करते रालोद भाजपा पदाधिकारी व नेतागण।रालोद भाजपा गठबंधन ने किया जिला पंचायत पर कब्जा भाजपाई एवं रालोद कार्यकर्ताओं में हर्ष की लहर
मथुरा। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के कड़े संघर्ष में आज भाजपा-रालोद समर्थित प्रत्याशी ममता चैधरी जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित घोषित हुयीं। उन्हें 21 मत मिले। पूर्व मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता चै लक्ष्मीनारायण ने जिला पंचायत में भारतीय जनता पार्टी का खाता खोल दिया है। उनके और राष्टंीय लोकदल के संयुक्त प्रयास से भाजपा को पहली बार जिला पंचायत में विजयश्री हासिल हुयी है। इस सब से जहां भारतीय जनता पार्टी में लक्ष्मीनारायण चैधरी का कद बढ़ा है वहीं जिला पंचायत में विजय दिलाने से भारतीय जनता पार्टी में भारी उत्साह है। रालोद के पूरे समर्थन और अनूप चैधरी के प्रयासों को भी कमतर नहीं आंका जा सकता। हालांकि चै लक्ष्मीनारायण ने समाजवादी पार्टी की सत्ता की तमाम ‘अनिष्टि’ की आशंकाओं के बाद भी धैर्य नहीं खोया था। चै लक्ष्मीनारायण ने पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ा। उन्होंने पहले भाजपा के नेताओं को आश्वस्त कर दिया था कि जीत उन्हीं के पाले में होगी। चै लक्ष्मीनारायण का लंबा इतिहास है और राजनीति के क्षेत्र में उनका नाम अच्छे नेताओं में गिना जाता है। दूसरी ओर वह प्रदेश में अन्य दलों के द्वारा कबीना मंत्री भी रह चुके हैं। छाता क्षेत्र में उनका एकछत्र राज है इससे इंकार नहीं किया जा सकता। जिला पंचायत चुनावों में जिस प्रकार उन्होंने अपनी धर्मपत्नी और भतीजे के लिये डटकर चुनाव लड़ा वह भी अपनेआप में अलग बात है। तमाम बाधायें लायी गयीं लेकिन चै लक्ष्मीनारायण इससे डिगे नहीं। आज विजयश्री पाले में है। चै लक्ष्मीनारायण ने इस दौरान जीत के साथ कहा कि जिला पंचायत में ईमानदारी के साथ काम होगा। जिले की समस्याओं को गंभीरता से लिया जायेगा और हर व्यक्ति की सुनी जायेगी। ग्रामीण क्षेत्रों का पूर्ण विकास किया जायेगा। जिला पंचायत को अच्छे स्तर पर लाया जायेगा। उन्होंने कहा कि अब तक जो कुछ हुआ वे उसके बारे में कुछ नहीं कहना चाहते। हां इतना जरूर है कि अब जिला पंचायत ग्रामीणों के लिये काम करेगी। विकास की नयी इबादत लिखी जायेगी। आज जिला पंचायत अध्यक्ष बनने पर पूर्व मंत्री चै लक्ष्मीनारायण की धर्मपत्नी भी बेहद प्रसन्न थीं। उनका कहना था कि यह जीत आम मतदाता की जीत है और इसके लिये वे भाजपा नेताओं के साथ राष्टंीय लोकदल की भी पूर्ण रूप से आभारी हैं। पूर्व मंत्री ने भी भाजपा-रालोद के इस संघर्षशील कार्यकर्ताओं को ही जीत का श्रेय दिया।
टैंकर चैराहे पर लगा रहा मेला
कलैक्टंेट परिसर में सन्नाटा
आज जिला पंचायत चुनाव के चलते सभी राजनैतिक दलों के प्रत्याशियों में भारी उत्साह था। कांगे्रस को छोड़कर सभी राजनैतिक दलों के कार्यकर्ता झण्डे और नारों की बुलंदी करते देखे गये। अपने अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के उत्साहव1⁄र्4न और जिला पंचायत सदस्यों को अपनी शक्ति दिखाते हुये सभी दलों के लोग मौजूद थे। सर्वाधिक भीड़ भारतीय जनता पार्टी- रालोद समर्थकों की थी। वहीं समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी भारी संख्या में टैक चैराहे पर मौजूद देखे गये। बसपा और सपा से जुड़े कार्यकर्ता भी आये लेकिन इनकी संख्या इतनी अधिक नहीं थी। गाडि़यों के काफिले भी अंदर जाने नहीं दिये जा रहे थे केवल बड़े नेताओं और पार्टी प्रमुखों को जरूर पेटंोल पंप के बाहर बने बैरियर तक गाड़ लेकर जाने की अनुमति दी गयी थी। जबकि समर्थकांे और अन्य
कार्यकर्ताओं की गाडि़यां तो टैंकर चैराहे पर ही रोक दी गयी थीं।
बैरियर लगाए हुए पुलिस फोर्स
बैरीकेटिंग से सिर्फ सरकारी कर्मियों को ही दिया प्रवेश सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से प्रशासन ने आगरा-मथुरा रोड स्थित टैंक चैराहा से ब्लाॅक कार्यालय तक पांच बैरीकेटिंग लगाए। इन बैरीकेटरों से सिर्फ सरकारीकर्मियों को ही प्रवेश दिया जा रहा था। साथ ही साथ इनकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। इन बैरीकेटरों से पार्टी कार्यकर्ताओं व समर्थकों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित थी। शहर की तरफ से कलक्टेंटक जाने वाले लोगों के लिए पहला बैरीकेटर टैंक चैराहा पर, दूसरा बैरीकेटर डिफेंस सिनेमा पर, तीसरा सिविल लाइंस पेटंोल पंप पर लगाया गया था। जबकि औरंगाबाद से आने वाले लोगों को रोकने के लिए ब्लाॅक कार्यालय के बाहर व तहसील परिसर के गेट पर लगाया गया था।
इन बैरीकेटरों पर एक-एक एसडीएम व सीओ की ड्यूटी लगाई गई थी। अन्य जनपदों से आई पुलिस फोर्स ने संभाली कमान जिला पंचायत अध्यक्ष की निर्वाचन प्रक्रिया को मथुरा के अलावा तीन अन्य जनपदों की पुलिस की देखरेख में सम्पन्न कराया गया। फिरोजाबाद, मैनपुरी व गाजियाबाद जनपदों से अतिरिक्त पुलिसबल मंगाया गया था, जो बीतीरात मथुरा आ गए। सुबह होते ही पुलिसबल ने मोर्चा संभाल लिया। इस पुलिसबल ने समूचे कलक्टेंट परिसर को किले में कैद करलिया, जिस वजह से पार्टी समर्थक अंदर प्रवेश नहीं कर पाए।
हरियाणा पुलिस की सुरक्षा में आए सदस्य
रालोद व भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्यों को हरियाणा पुलिस अपनी सुरक्षा में बस से मतदान के लिए कलक्टेंट लेकर आई। बृहस्पतिवार सुबह जब हरियाणा पुलिस वाल्बो बस में रालोद-भाजपा के जिला पंचायत सदस्यों को लेकर पहुंची तो हर कोई हतप्रभ रह गया। बसों से उतरकर सदस्य वोट डालने बूथों की ओर रवाना हुए। पुलिस की पैनी नजर से घबराए अधिवक्ता जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को शुचितापूर्ण संपन्न कराने के लिए जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा बरती गई सख्ती अधिवक्ताओं को नागवार गुजरी और सुबह से इस सघन तलाशी का सामना कर रहे अधिवक्ताओं का अपरान्ह करीब तीन बजे तक धैर्य जवाब दे गया। काफी संख्या में अधिवक्ता एकजुट होकर सत्र न्यायालय के संमुख लगे बैरियर पर हंगामा करने लगे। जिससे सुरक्षा व्यवस्था में लगे सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत मौके पर पहुंच गए। हालांकि बाद में अधिवक्ता प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते वहां से निकल गए।
ममता की जीत दुर्भाग्यपूर्ण समाजवादी पार्टी के नेता और सतर्कता एवं निगरानी समिति के सदस्य चैधरी पुष्पेन्द्र सिंह बघेल ने मथुरा जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा रालोद गठबंधन प्रत्याशी ममता चैधरी की जीत को ग्राम पंचायतों के विकास के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। श्र बघेल का कहना है कि प्रदेश में सपा की सरकार है और विकास की चाॅबी सपा के पास है। प्रदेश में लगभग 80 फीसदी सपा के जिला पंचायत अध्यक्ष है। जिला पंचायत अध्यक्ष का पद स्थायी नहीं है और आने वाले दो वर्षों में इनका गठबंधन टूट जाएगा। जिससे पुनः चुनाव की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।





