रुद्रपुर : रुद्रपुर अस्पताल लापरवाही मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। प्रसव के दौरान चिकित्सक द्वारा आपाधापी में बच्चे का एक हाथ खींच दिए जाने के बाद से बच्चे का हाथ काम नहीं कर रहा है। इलाज कर रहे मौजूदा डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे को उपचार दिया जा रहा है लेकिन उसके पूरी तरह सही होने के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
ध्यान रहे, 15 अगस्त को स्थानीय निवासी महेंद्र सिंह नेगी की पत्नी सोनाक्षी को प्रसव के लिए सिविल लाइंस स्थित कैलाश नर्सिग होम में भर्ती कराया गया था। उसी दिन डिलीवरी भी हो गई। रविवार को अचानक बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और देखते ही देखते बच्चे की हालत बिगड़ गई। बाल रोग चिकित्सकों ने बच्चे को हल्द्वानी स्थित एसटीएच रेफर कर दिया जहां पर चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद बताया कि बच्चा चूंकि ओवरवेट है और डिलीवरी के वक्त चिकित्सक ने जबर्दस्ती कर उसका एक हाथ खींच दिया है। इससे बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। फिलहाल बच्चे का हाथ लगभग लटका हुआ सा प्रतीत हो रहा है।
इससे पहले, मामले को लेकर विरोध दर्ज कराने के लिए जिलाध्यक्ष कुंवर सिंह नेगी अपने समर्थकों व परिवार के साथ जब सिविल लाइंस स्थित नर्सिंग होम पहुंचे तो वहां मौजूद कथित बदमाशों ने विरोध कर रहे इन लोगों को लाठी-डंडों से जमकर धुना और फायरिंग भी की। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हमले में घायल विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष कुंवर सिंह नेगी परिवार के साथ नजदीकी भदईपुरा में रहते हैं। फिलहाल, दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया है। विहिप नेता ने जहां दो लोगों को नामजद करने के साथ ही डेढ़ दर्जन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, अस्पताल के प्रबंधक ने विहिप नेता पर अस्पताल में जबरन घुसकर तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है।
पीड़ित महेंद्र का कहना है कि वह कैलाश अस्पताल में अपने नवजात शिशु के उपचार में हुई लापरवाही की शिकायत करने गए थे जिसे चिकित्सक सुनने के लिए कतई तैयार नहीं हुए। उल्टे अस्पताल में गुंडे बुलाकर उनके परिजनों पर जानलेवा हमला कर दिया। अस्पताल के प्रबंधक विनोद राय ने आरोप लगाया है कि विहिप नेता के परिजनों ने चिकित्सकों की बात सुनने के बजाय उनसे अभद्रता की और अस्पतालकर्मियों से मारपीट करने के साथ ही तोड़फोड़ की। चौकी प्रभारी जयपाल सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दूसरी ओर, इस मामले को लेकर विहिप कार्यकर्ता व विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और हमलावरों की गिरफ्तारी तथा नवजात का इलाज कराने की मांग की।





