कुख्यात सतेन्द्र फौजी गिरोह का सदस्य रामवीर भी गिरफ्त में
मथुरा । शातिर लुटेरे और सुपारी किलर गिरोह के चार सदस्यों को वृन्दावन पुलिस ने पकड़कर बड़ी सफलता हासिल की है। अनेक लूट कर चुके बदमाश फिलहाल सुपारी लेकर एक महिला की हत्या करना चाहते थे। इन बदमाशों का सम्बन्ध कुख्यात सतेन्द्र फौजी गिरोह से है। इनके पास से पुलिस ने नगदी, लूटे हुये कुछ सामान, मोबाइल, तमंचे कारतूस बरामद किये है। बताया गया कि वृन्दावन पुलिस के निरीक्षक को मुखबिर से जानकारी मिली कि कुछ कुख्यात बदमाश किसी घटना को अंजाम देने जा रहे है। इस खबर पर पुलिस ने छटीकरा रोड से घेराबंदी कर पुख्यात रामवीर पुत्र शिवसिंह, निवासी चैमुहां, तेजपाल पुत्र मोहनश्याम, मोनू पुत्र ब्रिजेश शर्मा तथा जगवीर पुत्र गोवर्धन को पकड़ लिया जबकि इनके साथी अनिल टोंटा निवासी बरहरा, हरिओम निवासी चैमुहां भागने में सफल रहे। बताते है कि यह गिरोह लूटपाट और हत्या के काम में संलग्न था। पकड़े गये बदमाशों ने पुलिस को बताया कि वे गतदिनों छाता में बाइक सवार से 4500 रूपये और महिला से सोने के कुण्डल तथा एक एफ जैड गाड़ी लूट चुके है। छटीकरा गोवर्धन रोड पर बाइक सवार से 500 रूपये और एक मोबाइल लूटा। जबकि सेमरी छाता में मैजिक चालक से 400 रूपये और एक मोबाइल लूूटा है। इनके पास से बाइक, 2 समर सेविल, इन्वर्टर, कई मोबाइल, तीन तमंचे, 11 कारतूस, सोने की चैन, अंगूठी, टाॅप्स बरामद हुई है। पकड़े गये बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि वे मथुरा के सूर्यनगर काॅलोनी हाइवे में रहने वाली राधा ठाकुर पत्नी प्रीतम फौजी की 8 लाख में सुपारी लेकर उसकी हत्या करना चाहते थे। इन्होंने बताया कि कुछ समय पूर्व राधा के पति प्रीतम की मौत हो गई थी। राधा को मौत के बाद 40 लाख रूपये मिलने वाले थे। उसी रूपये को लेकर राधा के ससुरालीजनों में गलत नीयत पैदा हो गई। उन्हीं लोगों द्वारा इस गिरोह के लोगों को 8 लाख में राधा को मारने की सुपारी दी गयी जिसमें से 4 लाख रूपये एडवान्स आ गया था। बदमाशों को 20 हजार रूपये खर्चे के अलग दिये गये थे। ये राधा की हत्या करने जा रहे थे। आझई कट के नजदीक से इन्हें पकड़ा गया है। पकड़े गये बदमाशों में रामवीर पुख्यात सतेन्द्र फौजी गिरोह का सदस्य है। गतदिनों छाता में बजाज फैक्ट्री के लोगों पर हुई। गोलीबारी की घटना में भी रामवीर शामिल था। पुलिस ने बताया कि पुख्यात सतेन्द्र फौजी अब तक हत्या लूट जैसे गंभीर अपराध कर चुका है। उस पर पुलिस का इनाम भी बताया जाता है।





