राजकोट । भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान विराट कोहली ने रविवार को इंग्लैंड के खिलाफ सौराष्ट्र क्रिकेट संघ स्टेडियम में हुए पहले टेस्ट मैच के खत्म होने के बाद स्वीकार किया कि भारतीय टीम इंग्लैंड को हल्के में नहीं लेगी। भारत यह मैच बड़ी मुश्किल से ड्रा कराने में सफल रहा। भारत को चौथी पारी में 310 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसके जवाब में भारतीय टीम ने स्टंप्स तक छह विकेट पर 172 रन बनाकर मैच बचा लिया।
कोहली 49 रन और रवींद्र जडेजा 32 रन बनाकर अंत तक नाबाद रहे। कोहली ने मैच के बाद कहा कि वे अपनी टीम से बेहतर क्षेत्ररक्षण की उम्मीद करते हैं। गौरतलब है कि पहले टेस्ट मैच में भारतीय क्षेत्ररक्षकों ने इंग्लैंड के कई कैच छोड़े। कोहली ने कहा कि हम शुरुआती दो दिनों में इससे बेहतर कर सकते थे। हमने पांच कैच छोड़े। कोहली ने आगे कहा कि इंग्लैंड ऐसी टीम है जिसे हम हल्के में नहीं ले सकते। सबसे बड़ी बात है कि अंत अच्छा रहा। हमें जिन क्षेत्रों में सुधार करने की जरूरत है उसे करना होगा। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने हम पर लगातार दबाव बनाए रखा। हमें इसे स्वीकार करना होगा।
उल्लेखनीय है कि भारत मैच ड्रा कराने में तो सफल रहा, लेकिन इंग्लैंड ने पूरे मैच पर नियंत्रण अपने हाथ में रखा। इंग्लैंड ने पहली पारी में 537 रनों की विशाल स्कोर खड़ा किया था, जिसके जवाब में भारतीय टीम 488 रन बना सकी थी। दूसरा टेस्ट 17 नवंबर से विशाखापट्टनम में खेला जाएगा।
राजकोट । इंग्लैंड के कप्तान एलेस्टेर कुक ने टेस्ट ड्रा होने पर निराशा जताई लेकिन पांचवें दिन लंच के बाद अपनी दूसरी पारी समाप्त घोषित करने के फैसले को सही ठहराया। करिअर का 30वां शतक जडऩे वाले कुक ने कहा कि यह पांच दिन तक चला अच्छा मैच था। बांग्लादेश की तरह यहां ज्यादा उमस नहीं थी लेकिन यह कड़ा टेस्ट मैच था। सब कुछ सही रहा। हमारी तरफ से चार शतक लगे। स्पिनरों ने अच्छी गेंदबाजी की और तेज गेंदबाजों ने भी धीमे विकेट पर बेहतरीन प्रदर्शन किया। अच्छा टेस्ट था और हमने जैसा खेल दिखाया उस पर सभी को गर्व होना चाहिए। हमने सभी के सामने साबित कर दिया कि हम अच्छा खेल सकते हैं। मैंने इस दौरे के शुरू में कहा था कि हमारे पास कुछ अच्छे प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। बेन स्टोक्स, मोईन अली, जो रूट सभी विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं। हमने 530 रन बनाए और अपना जज्बा दिखाया। हमने काफी अच्छा खेल दिखाया। कुक ने पारी समाप्त घोषित करने के समय का बचाव किया। कुक ने लंच के 36 मिनट बाद पारी घोषित की थी। उन्होंने कहा कि इसका कारण यह था कि हम भारत को कोई मौका नहीं देना चाहते थे। 260 से 270 रन के लक्ष्य का पीछा करने की तुलना में मैच बचाने के लिए बल्लेबाजी करना अलग होता है। इस विकेट पर हमने बिना किसी नुकसान के 180 रन बनाए थे। यह बहुत खतरनाक पिच नहीं था। कुछ गेंदों को खेलना मुश्किल था। कोई बेहद साहसी व्यक्ति ही उन्हें 240 का लक्ष्य देता लेकिन मेरा मानना है कि पारी समाप्त घोषित करने का समय सही था क्योंकि यह सीरीज का पहला मैच था।
साभार-khaskhabar.com






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