मथुरा में इग्नू के बीएसए कालेज समेत दो केन्द्र संचालित है, बीएसए कालेज में इंडक्सन मीटिंग के दौरान उपस्थित पदाधिकारी
मथुरा। इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) आज दुनिया का ऐसा सबसे बड़ा विश्वविद्यालय बन चुका है जिसके जरिए तीस लाख छात्र व छात्राएं अध्ययनरत हैं। मथुरा में इग्नू के बीएसए कालेज समेत दो केंद्र संचालित हैं जहां शिक्षा से वंचित किसी भी उम्र में कोई भी अपने को पंजीकृत करा कर डिग्री, डिप्लोमा व सटीर्फिकेट कोर्स कर कैरियर बना सकता है। ये जानकारी बीएसए कालेज के श्यामाचरण सभागार में हुई इंडक्सन मीटिंग में इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय के अलीगढ़ रीजनल सेंटर के सहायक क्षेत्रीय निदेशक डा. मलिक रासिद फैजल ने इग्नू के पंजीकृत नए फ्रेशर छात्र छात्राओं को दी। उन्होंने बताया कि ये दुनिया की आज सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी बन चुकी है। इसमें पढ़ाने के लिए टीचर्स नहीं होते बल्कि एकेडेमिक काउंसलर होते हैं जो दूरस्थ पढ़ाई के तौर तरीके बताते हैं और कैरियर के लिए अनवरत दिशा निर्देश देते हैं। फ्रेशर छात्र व छात्राएं अन्य वंचितों को इग्नू के जरिए प्रवेश लेकर पढ़ाई को प्रोत्साहित करें। बीएसए कालेज के प्राचार्य डा. अशोक अग्रवाल ने फ्रेशर छात्र व छात्राओं को दूरस्थ शिक्षा के सतत मूल्याकंन प्रणाली के बारे में जानकारी दी। बीएसए कालेज केंद्र की समन्वयक डा. बबीता अग्रवाल ने कहा कि इग्नू से कोई कोर्स करने की कोई आयु सीमा तय नहीं है। हर कोई प्रवेश ले सकता है। सह समन्वयक डा. एस के कटारिया ने धन्यवाद ज्ञापन में बताया कि इंग्नू के इस समय देश में 67 रीजनल सेंटर चल रहे हैं, 2667 ट्रेनर सपोर्ट सेंटर हैं। कुल 228 डिग्री, डिप्लोमा व सर्टीफिकेट कोर्स चल रहे हैं। 810 फैकल्टी, 574 एकेडेमिक स्टाफ और 33212 एकेडेमिक काउंसलर हैं। प्रारंभ में समन्वयक डा. बबीता अग्रवाल, विभागाध्यक्ष गणित डा. के के कनोडि़या व डा. एस के कटारिया आदि ने सहायक क्षेत्रीय निदेशक डा. मलिक रासिद फैजल का माल्यापर्ण कर स्वागत किया।इंडक्शन मीटिंग में जिले भर के और बाहर के तमाम फ्रेशर छात्र छात्राएं मौजूद रहे।





