मथुरा। ब्रज बचाओ समिति रेल मंत्रालय से मांग करती है कि मथुरा वृन्दावन के बीच दशकों से चल रही हैरिटेज रेल सेवा को नए कलेवर में यात्रियों की सुविधा के लिए तुरंत चालू किया जाये। लम्बे समय से इस रूट पर चलने वाली रेल बस सेवा भी बंद पड़ी है। इसे पुनः चालू किया जाय तथा इसके चक्कर बढ़ाये जाये। रेलवे इसे घाटे का सौदा बता कर बंद करना चाहती है जो ब्रजवासियों और यहां आने वाले तीर्थ यात्रियों के साथ उपेक्षित व्यवहार है। नार्दन ईस्टर्न रेलवे काफी समय से इस सुविधा को बंद करने की फिराक में है। जबकि आम जनता इस रेल बस सेवा को बेहद जरूरी और किफायती मानती है। मथुरा जंक्शन स्टेशन से वृन्दावन तीर्थ यात्रा करने आने वाले साधारण लोगों के लिये यह रेल बस सेवा बेहद जरूरी है। समिति सदस्यों का मानना है की वृन्दावन स्टेशन से इस रेल बस तो आगे छटीकरा क्रासिंग तक एक्सटेंड किया जाये, और अलवर वाली रेलवे लाइन से इसे जोड़ा जाये। इससे वाहनों से उत्सर्जित प्रदूषण पर प्रभावी रोक लगेगी और ब्रज मंडल आ रहे यात्रियों को काफी सुविधा भी होगी। इस रेल बस से पर्यटन को बढावा मिल सकता है। इस रूट पर रेलवे का सबसे छोटा रेल मार्ग है जो महज 15 किलोमीटर का आना जाना करती है। इस रेल बस को इतना खूबसूरत बनाया जाना चाहिये जिसमें देशी विदेशी पर्यटकों तीर्थ यात्रियों को मथुरा वृन्दावन के साथ साथ ब्रज के प्रमुख तीर्थ स्थलों की जानकारी उपलब्ध हो तथा यह एक हैरिटेज ट्रेन के रूप में इसका विस्तार किया जाना चाहिये। पर्यटकों को प्रभावित करने के लिये इसमें सभी सुविधाओं के साथ इसे सुसज्जित किया जाय जिससे इसका अधिक से अधिक उपयोग विदेशी पर्यटक कर सकें। श्री कृष्ण जन्म स्थान पर बने हाॅल्ट स्टेशन की दुर्दशा को ठीक किया जाय तथा इस हाॅल्ट स्टेशन को पुनः चालू किया जाय। जिससे श्री कृष्ण जन्म स्थान के दर्शन के लिये भी तीर्थ यात्री इस स्टेशन का उपयोग कर सकें। वर्षों पहले इस रूट पर एक सबारी गाडी को चलाया जाता था। अब इसके संचालन को बंद कर दिये जाने से मथुरा से वृन्दावन तक के स्टेशन बेकार पडे हैं तथा इनकी बेशकीमती जमीनों पर कब्जे भी हो रहे हैं। एक लम्बे समय से यह यात्री सुविधा बंद है, जिसका चलन अधिक मास में लगने वाले मेले से पूर्व शुरू हो जाना चाहिए। वृंदावन जाने को रेल बस कब से चलेगी। श्रीकृष्ण स्थली पर आवागमन करने वाले हर किसी श्रद्वालु के मन में यह बातें चल रही हैं। मथुरा वंदावन रूट पर चलने वाली रेल बस पिछले तीन माह से बंद क्यों पड़ी है। इससे न सिर्फ आम आदमी परेशान है, बल्कि इससे दूर से आने वाले श्रद्धालु भी प्रभावित है। रेल प्रशासन भी इस गंभीर समस्या के निवारण को उचित कदम नहीं उठा रहा है।





