रविन्द्र जैन को मथुरा आगमन पर सम्मानित करते डाघ् राजेन्द्र कृष्ण अग्रवाल और आशीष अग्रवाल
मथुरा। सुप्रसिद्घ सिने संगीतकार, गीतकार, कवि, पार्श्व गायक श्री रवीन्द्र जैन का गत शुक्रवार मात्र 71 वर्ष की आयु में बीमारी के चलते मुम्बई के एक अस्पताल में निधन हो गया। बहुमुखी प्रतिभा के धनी श्री जैन ने पिछले 4-5 दशकों से संगीत जगत में अपने संगीत का लोहा मनवाया है। 1972 में फिल्म ‘कॉंच और हीरा’ के माध्यम से आपका संगीत बड़े पर्दे पर आया और उसके बाद तो एक से एक हिट गीत सौदागर, चोर मचाये शोर, अघ्ँखियों के झरोखे से, चितचोर, नदिया के पार, ब्रजभूमि, तपस्या, विवाह आदि अनेकाने फिल्म्स के माध्यम से जन-मानस पर छा गये। रामायण, श्रीकृष्णा, जय हनुमान आदि धारावाहिकों के माध्यम से घर-घर भक्ति संगीत की अलख जगाई। पद्मश्री, फिल्म फेयर, यश भारती, लता मंगेशकर अवार्ड, संगीत ज्ञानेश्वर अवार्ड, संगीत सम्राट आदि अनेकानेक राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय सम्मानों से आपको नवाजा जा चुका है। बचपन से ही श्री जैन का मथुरा-वृन्दावन से गहरा जुड़ाव रहा है और यहॉं आकर उन्हें अत्यन्त सुखद अनुभूति होती है। उनके कुछ संस्मरणों पर प्रकाश डालते हुए प्रख्यात शिक्षाविद् व संगीतकार डाघ् राजेन्द्र ष्ण अग्रवाल ने कहा कि आज से लगभग 35-40 वर्ष पूर्व मेरे जन्मदिवस पर आयोजित संगीत समारोह में श्री जैन साहब का मथुरा आगमन हुआ था किन्तु उसी दिन उनके पिताश्री को दिल का दौरा पड़ जाने की अलीगढ़ से सूचना आ गई और उन्हें तुरन्त वहॉं जाना पड़ गया। डाघ् राजेन्द्र कृष्ण संगीत महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा एक श्रृ“द्घांजलि सभा आयोजित की गई जिसके अंतर्गत विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा उन्हें संगीतमय श्रद्घांजलि अर्पित की गई एवं मौन रखकर उनकी पवित्र आत्मा की शान्ति हेतु प्रार्थना की गई। आलोक अग्रवाल, शिप्रा, सुधीर कुमार, भारती, स्रेहलता, जयप्रकाश, संजय, पूजा, आकांक्षा, कृष्णा, दीपेन्द्र आदि छात्रगण मौजूद रहे। वहीं बलदेव कस्बे के स्थानीय प्रशंसकों ने प्रसिद्घ संगीतकार रविन्द्र जैन के निधन पर शोक की लहर दौड गयी है। उनके प्रशंसकों का मानना है कि यह संगीत जगत की अपूर्णनीय क्षति है जिसे कभी भरा नहीं जा सकता। स्थानीय प्रशसंकों ने शोकसभा का आयोजन कर उन्हें भावभीनी श्रृद्घांजलि दी है। शोक व्यक्त करने वालों में जवाहर उपाध्याय, सुजीत वर्मा, सोनू भैया, देवेश पांडेय, सोनल वर्मा, अनुज उपमन्यु, रामकुमार पांडेय आदि प्रमुख हैं।






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