संत बनकर साधना एवं जन कल्याण में लीन रहें धर्माचार्य : पंकज बाबा

संत बनकर साधना एवं जन कल्याण में लीन रहें धर्माचार्य : पंकज बाबा मथुरा। जय गुरूदेव धर्म प्रचारक संस्था व ट्रस्ट के प्रमुख व प्रख्यात ब्रम्हलीन संत बाबा जयगुरूदेव महाराज के उत्तराधिकारी पंकज बाबा ने कहा कि धर्माचार्यों को संत बनकर साधना और जनकल्याण में लीन रहना चाहिए न कि अनैतिक कार्यों में। उन्होंने कहा कि जो सर्वसमाज व राष्ट्र कल्याण करेगा उस पर ही आशीर्वाद रहेगा। उनकी दूरदर्शी पार्टी को आगे बढ़ाना है या नहीं, चुनाव में उतारना है या नहीं यह फैसला आगे विचाराधीन है। इस पर सभी से राय मशविरा कर फैसला लेंगे। 

पंकज बाबा ने बुधवार को उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड एवं बिहार प्रांत के 47 दिवसीय दौरे पर रवाना होने से पूर्व ब्रज प्रेस क्लब पर पत्रकारों से एक विशेष साक्षात्कार में उपरोक्त विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर ब्रज प्रेस क्लब अध्यक्ष एवं उपजा के प्रदेश उपाध्यक्ष कमलकांत उपमन्यु एडवोकेट ने पंकज बाबा व उनके शिष्यों का दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत किया। बाबा यहां से कई किलोमीटर लम्बे वाहनों के अपने विशाल काफिले को लेकर अपने सत्संग दौरा के लिए रवाना हो गए। उन्होंने कहा कि जवाहरबाग को कब्जाए बैठे लोगों से उनकी संस्था का कोई लेना देना नहीं है। यह कहना गलत है कि बाबा जयगुरूदेव व उनकी संस्था से वो लोग किसी न किसी रूप में जुडे हैं। बल्कि सत्यता यह कि उनका बाबा एवं संस्था से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सारोकार नहीं है। 

पंकज बाबा ने बताया कि आज से उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड एवं बिहार प्रान्त के 47 दिवसीय सत्संग दौरे पर निकल रहे हैं। यह दौरा दस जुलाई तक चलेगा।

पंकज बाबा अपने गुरू बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के शाकाहार, सदाचार, मद्यनिषेध, चरित्र उत्थान, मानव प्रेम, एकता, मानव-सेवा पर आधारित अच्छे समाज के निर्माण के सन्देशों के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से 47 दिनों तक लगातार शाकाहार-सदाचार, मद्यनिषेध आध्यात्मिक जन-जागरण यात्रा के माध्यम से सत्संग सुनायेंगे और लोगों को शाकाहारी-सदाचारी एवं नशामुक्त बनकर मां-बहनों की लाज बचाने व चरित्र उत्थान के द्वारा अच्छे समाज के निर्माण की प्रेरणा देंगे। उन्होंने कहा कि मानव शरीर की अनमोलता, गुरु महिमा, आत्म-कल्याण एवं परमात्म दर्शन के बारे में गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों की विवेचना करेंगे। जिज्ञासुओं को जीते जी प्रभु प्राप्ति हेतु सुरत-शब्द योग साधना यानि प्रभु के सच्चे भजन का भी उपदेश करेंगे। प्रवक्ता बाबूराम के अनुसार पचीस मई को मथुरा से प्रस्थान करके बाबा जयगुरुदेव के वारिस 26 मई को सहावर जिला-कासगंज, 27 मई को मैनपुरी, 28 मई को तिर्वा, कन्नौज, 29 को हरि किशनपुर, कानपुर देहात, 30 को कानपुर नगर होते हुए 10 जुलाई बदायूं में अंतिम सत्संग होगा। इस दौरान महाराज जी 17 जुलाई से 21 जुलाई 2016 तक जयगुरुदेव आश्रम, मथुरा में आयोजित गुरु पूर्णिमा पर्व का भी निमंत्रण आम जनता को देंगे।


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