सरकार और बैंकों में समन्वय न होना बना लोगों की मुसीबत

मथुरा। सरकार और बैंकों के बीच समन्वय न होने के कारण जहां लाइन में लगे लोगों को धक्के खाने पड़ रहे हैं वहीं बैंकों की शाखाएं दो और चार हजार रूपये देकर लोगों को परेशान कर रही हैं। सरकार के आदेशों का कहीं कोई पालन नहीं हो रहा। स्थिति यह है कि व्यापारियों को चालू खाते से दस हजार रूपये के सापेक्ष दो हजार रूपये लेने को मजबूर किया जाता है। इण्डियन ओवरसीज बैंक की वेटरनरि बैंक शाखा में यह मामला कई चालू खाता ग्राहकों के साथ सामने आये हैं। वहीं बैंक कई स्थानों पर नोट नहीं बदल रहे। वे नोट जमा करने की बात कहते हैं और यह कहर ग्राहक को लौटा देते हैं कि कैश खत्म हो गया है, अगले दिन आईये। इस सब से ग्राहकांे में अफरा तफरी मची हुयी है। बैंकों के बाहर लंबी-लंबी कतारें अभी तक जारी हैं। आये दिन मारपीट, झगड़े हो रहे हैं। सरकारी इंतजाम नाकाफी होने के कारण लोगों को भटकना पड़ रहा है। कैश की भारी किल्लत बैंकों में नजर आ रही है। चाहे सरकार कितने भी लंबे-चैड़े दावे करे लेकिन बैंकों में नोटों की उपलब्धता सीमित मात्रा में रह गयी है जिससे कारोबार, धंधे प्रभावित हो रहे हैं। थोड़े ही देर में बैंक कैश खत्म होने की घोषणा कर देती हैं जिससे लाइनों में लगे लोग निराश होकर रोजाना बैंकों से लौट रहे हैं। आज सुबह से ही बैंकों में फिर लाइनें देखी गयीं। पुलिस कहां तक इनको नियंत्रित करे? उसकी भी परेशानियां बढ रही हैं। 


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