मथुरा। सतयुग में जन्मे करकोटक नाग के आज जन्मोत्सव को लेकर असकुण्डा स्थित सिद्ध बड़े हनुमान मंदिर में आज कालसर्प दोष से पीड़ित महिला-पुरूषों द्वारा भव्य करकोटक नाग की पूजा की गयी। प्रातः छह बजे से प्रांरभ पूजा कार्यक्रम दोपहर दो बजे तक बराबर चलता रहा। कालसर्प योग की पूजा करने आये भक्तों से मंदिर परिसर भरा रहा जहां आये लोगों ने करकोटक नाग की पूजा पंचामृत व काले तिलों को मुखर में भरकर रोली, चावल से पूजा की। वहीं तीन महादेव विग्रहों की पूजा करके कोयला व नाग-नागिन का जोड़ा अर्पित किया गया। ज्ञात हो कि यह पूजा एकमात्र इसी मंदिर में होती है जबकि कालसर्प की पूजा उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में की जाती है। यहां के पूर्व महंत गोलोकवासी गोपाल चतुर्वेदी द्वारा इस पूजा को प्रारंभ कराया गया है, तभी से यह पूजा इस मंदिर में प्रतिवर्ष आज ही के दिन होती आ रही है। वर्तमान मंदिर के महंत मनीष कुमार द्वारा भक्तों को पूरा करायी गयी।





