मथुरा। ब्रज के शीर्षस्थ लोक कवि एवं लोक गायक स्वामी मेघश्याम शर्मा का 115 वां जयन्ती समारोह इस वर्ष 22 अगस्त शनिवार को रामकृष्ण लीलाश्रम, वृन्दावन (स्वामी रामस्वरूप शर्मा का लीला पण्डाल) में आयोजित किया जा रहा है। काष्र्णि स्वामी गुरुशरणानन्द महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस समारोह में साहित्य, संगीत, कला एवं संस्कृति क्षेत्र के विद्वानों का सम्मान एवं अभिनन्दन किया जायेगा। समारोह संरक्षक है यदुहरि डालमिया तथा डा. आरएस पारीक, संयोजक अनूप शर्मा हैं। वृन्दावन नगरपालिका अध्यक्ष मुकेश गौतम, देवेन्द्र शर्मा, मुकेश सारस्वत, महेन्द्र शर्मा, सुरेश बौहरे, सुवंश झा तथा पं. नरेन्द्र की स्वागत समिति का गठन किया गया है। समारोह समिति के प्रवक्ता ने बताया कि राधा जी की सखी रंग देवी के गँाव कमई ;बरसानाद्ध में जन्मे स्वामी मेघश्याम को कविता और संगीत की प्रतिभा दैवीय शक्ति के रूप में प्राप्त हुई थी। उन्होंनंे रसिया और रासलीलाओं में गाये जाने वाले पदों आदि काव्य विधाओं में उत्कृष्ट रचनाएँ कीं। उनके द्वारा लिखित रसिया आज लोकगीतों के रूप में ब्रज में ही नहीं अनेक प्रदेषों में भाषान्तर के साथ गाये जाते हैं। मोहन स्वरूप भाटिया ने बताया कि कमई जैसे छोटे गाँव में जन्म लेने के कारण वह उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके किन्तु उनके द्वारा रचित ‘श्याम भ्रमर’ एमए के पाठ्यक्रम में स्वीकृत है। उन्होनें आगे बताया कि स्वामी मेघश्याम शर्मा को विद्या और वाणी दोनों का ही वरदान प्राप्त था।





