मथुरा। जीएल बजाज ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यशन्स में विगत 8 दिसम्बर से जारी दो सप्ताह की ’इंजीनियरिंग फिजिक्स’ वर्कशाॅप का गतदिवस विधिवत समापन हो गया। जिसमें इंजीनियरिंग संस्थानों की फैकल्टी ने दो हफ्तों तक आईआईटी बौम्बे द्वारा सिखायी गयी। अभियांत्रिक भौतिकी के नवीनतम क्रांतिकारी सूत्र एवं संकल्पनाओं को सीखा एवं प्रेक्टिस करके देखा। विगत तीन वर्षों से जी एल बजाज संस्थान में आयोजित हो रही इन वर्कशाॅप के पीछे उद्देश्य आईआईटी के प्रोफेसरों द्वारा फैकल्टी को तकनीकी रुप से उन्नत ज्ञान प्रदत्त कर विश्व के प्रख्यात तकनीकि यूनिवर्सिटीज और संस्थानों की फैकल्टी के समकक्ष पायदान पर लाना रहा है। इस वर्कशाॅप मे संस्थान ने आईआईटी के प्रोफेसरों के साथ मिलकर इंजीनियरिंग फैकल्टी को रिर्सच के साथ साथ दिन पर दिन फैकल्टी की रिसर्च के प्रति गिरती जा रही रूचि के ऊपर भी गहन मंथन किया गया। वर्कशाॅप में आईआईटी प्रोफेसरों ने भौतिकी के क्षेत्र में भारत के स्काॅलर्स के द्वारा महत्वपूर्ण योगदान देने के ऊपर विद्वानों का ध्यान खीचा। इस दौरान विद्वानों ने अपनी इंजीनियरिंग फैकल्टी की रिसर्च ऐरिया के प्रति जबावदेही सुनिश्चित करते हुए ठोस कदम उठाने के लिये आहवान किया। संस्थान की निदेशक डाॅ. मीनू गुप्ता ने बताया कि भौतिकी प्रकृति का एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें प्रकृति की सभी संचालित गतिविधियों को समझा व परखा जाता है। आज विश्व ने विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र जितनी ऊँची छलाँग लगाई है उसमें निर्विवाद रूप से अधिकतम योगदान फिजिक्स का ही है।





