‘गंभीर - युवी को हटाने में नहीं था धोनी का हाथ’

‘गंभीर - युवी को हटाने में नहीं था धोनी का हाथ’नई दिल्ली । गुरुवार को बीसीसीआई ने पूर्व विकेटकीपर एमएसके प्रसाद को चयन समिति का मुखिया बना दिया। प्रसाद ने पूर्व बल्लेबाज संदीप पाटिल की जगह ली, जिनका कार्यकाल पूरा हो चुका है। पदमुक्त होने के बाद पाटिल ने वनडे व टी20 टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और टेस्ट टीम के कप्तान विराट कोहली को लेकर कुछ बातों का खुलासा किया। पाटिल ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान धोनी को कप्तानी से हटाने पर चर्चा हुई थी। हालांकि धोनी का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना उनके लिए हैरान कर देने वाला था। पाटिल ने इसके साथ ही साफ किया कि इस बात में कोई सच्चाई नहीं है कि गौतम गंभीर और युवराज सिंह जैसे सीनियर खिलाडिय़ों को बाहर करने में धोनी का हाथ था। पाटिल ने कहा कि बेशक हमने धोनी को कप्तानी से हटाने पर संक्षिप्त चर्चा की थी लेकिन हमने सोचा कि इसके लिए समय सही नहीं है, क्योंकि वर्ष 2015 का वनडे विश्व कप पास में था। हमें महसूस हुआ कि नए कप्तान को कुछ समय दिया जाना चाहिए। विश्व कप को ध्यान में रखते हुए हमने धोनी को कप्तान बनाए रखा। मेरा मानना है कि कोहली को सही समय पर कप्तानी मिली। कोहली छोटे फॉर्मेट में भी टीम की अगुवाई कर सकते हैं लेकिन अब इसका फैसला नई चयन समिति को करना होगा। पाटिल ने धोनी के टेस्ट से संन्यास लेने के फैसले को हैरान करने वाला बताया क्योंकि टीम ऑस्ट्रेलिया में तब जूझ रही थी। उन्होंने कहा कि वह कड़ी शृंखला थी। मैं यह नहीं कहूंगा कि धोनी एक डूबते जहाज के कप्तान थे लेकिन चीजें हमारे अनुकूल नहीं हो रही थी। ऐसे में हमारा एक सीनियर खिलाड़ी संन्यास का फैसला करता है। यह हैरान करने वाला था लेकिन आखिर में यह उनका निजी फैसला था। धोनी और कोहली की कप्तानी की तुलना पर पाटिल ने कहा कि उत्तरी और दक्षिणी धु्रव। कोहली को एंग्री यंग मैन के रूप में जाना जाता है लेकिन यह नियंत्रित आक्रामकता है। धोनी शांतचित हैं लेकिन हमेशा अपने दिल की बात कहते हैं।            

साभार-khaskhabar.com

 


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