एक कविता : कोर्ट मार्शल

 

आर्मी कोर्ट रूम में आज एक केस अनोखा अड़ा था!

छाती तान अफसरों के आगे फौजी बलवान खड़ा था!!

बिन हुक्म बलवान तूने ये कदम कैसे उठा लिया?

किससे पूछ उस रात तू दुश्मन की सीमा में जा लिया??


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